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प्रखंड के भूंईयापाड़ा मोड़ से चंद्रपुर तक जाने वाली करीब 8 किलोमीटर लंबी सड़क लंबे समय से जर्जर है। लगातार बारिश के बाद सड़क की हालत और खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं और उनमें बारिश का पानी जमा है। कीचड़ फैलने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से रोजाना करीब 8 हजार लोग आवाजाही करते हैं। सुद्राक्षीपुर गांव के पास सड़क की स्थिति सबसे खराब हो गई है। यहां सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। कीचड़ में कई दोपहिया और चारपहिया वाहन फंस रहे हैं, जिससे कुछ देर के लिए जाम की स्थिति भी बन जाती है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति सुधारने की दिशा में अब तक ठोस पहल नहीं हुई है। स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को भी रोज परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है। कुंडहित प्रखंड के कई गांवों के लोग इसी मार्ग से प्रखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में आते-जाते हैं। लोकपुर समेत पश्चिम बंगाल से सटे इलाकों में जाने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। बारिश में इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल बारिश के दिनों में सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। कई जगह सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। कीचड़ के कारण वाहन चालकों को सड़क के किनारे से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क खराब होने का असर आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के दौरान एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है। खराब सड़क के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अतिरिक्त समय लग जाता है। कई बार उठी आवाज, नहीं हुआ स्थायी समाधान पतित पाबन मंडल, अलोक कुमार मंडल, तपन मंडल, जनार्दन गोप, बिद्युत गोप, सोमनाथ गोप, काजल मंडल, बादशा मंडल, गेपिनाथ मंडल समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि 8 किलोमीटर लंबी सड़क काफी समय से जर्जर है। मरम्मत की मांग को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क कई गांवों को प्रखंड मुख्यालय और पश्चिम बंगाल से जोड़ती है, इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है।
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