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झारखंड में अगले 2 दिन भारी बारिश; ऑरेंज अलर्ट:रांची समेत 17 जिलों...




बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के 17 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 12 और 13 अगस्त को सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 14 अगस्त को रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 15 अगस्त को रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश व वज्रपात का यलो अलर्ट रहेगा। अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और वज्रपात का असर देखने को मिल सकता है। मंगलवार को रांची में 45.6 मिमी बारिश इधर, मंगलवार को राजधानी में दोपहर तक तेज धूप और उमस के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 4 बजे रांची समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश शुरू हुई। करीब 5.30 बजे फिर आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश होने लगी। लगातार हुई बारिश से शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। रांची में मंगलवार को 45.6 मिमी यानी करीब 46 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह राज्य के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक रही। जमशेदपुर में 35 मिमी, सिमडेगा में 32 मिमी, चाईबासा में 25 मिमी, सरायकेला में 20 मिमी, खूंटी में 18 मिमी, लोहरदगा में 8 मिमी, लातेहार में 4 मिमी, बोकारो में 4 मिमी और गुमला में 2 मिमी बारिश हुई। तेज बारिश के साथ थंडरिंग और लाइटनिंग के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। धुर्वा सेक्टर-4 में पीपल का पेड़ बिजली के खंभे पर गिरने से एलटी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। राज्य में सामान्य से 22%, रांची में 9% कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 जून से 11 अगस्त तक झारखंड में सामान्य से 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में राज्य में सामान्य बारिश 616.5 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 483.5 मिमी बारिश ही हुई है। रांची में भी सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। इससे साफ है कि मानसून के दौरान राज्य में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। अगले कुछ दिनों में निम्न दबाव के प्रभाव से होने वाली बारिश से राज्य में बारिश की कमी कुछ कम होने की उम्मीद है। साथ ही भारी बारिश और वज्रपात के अलर्ट को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।



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