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Moringa Benefits: सहजन केवल सब्जी ही नहीं बल्कि गुणों से भरा वो सुपरफूड है जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम है. इसके पेड़ की बात करें तो पत्तियां, फूल, छाल सब बहुत काम के माने जाते हैं. ये पोषण का खजाना है, इससे तमाम दवाएं भी बनती हैं पर इसका सेवन एक्सपर्ट की देखरेख में ही करना चाहिए.
पलामू. ज्यादातर सहजन यानी मुनगा गर्मी के दिनों में मिलता है. वहीं इसके कुछ ऐसे प्रभेद भी हैं, जो साल में दो बार आते हैं. यह सिर्फ स्वादिष्ट सब्जी ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है, जिसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक और वैज्ञानिक रूप से मोरिंगा कहा जाता है. सहजन की खासियत यह है कि इसके केवल फल ही नहीं, बल्कि पत्तियां और फूल भी भोजन में इस्तेमाल किए जाते हैं. कई जगह इसकी पत्तियों की भुजिया, फूलों के पकौड़े और फलियों की सब्जी बड़े चाव से खाई जाती हैं. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी इसके अलग-अलग हिस्सों का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है.
पत्तियों में पोषण का खजाना
पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने बताया कि सहजन की पत्तियों में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि पोषण की दृष्टि से इसे उपयोगी खाद्य पदार्थ माना जाता है. नियमित और संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसकी पत्तियों और फलियों को शामिल किया जा सकता है.
पाचन के लिए भी उपयोगी
उन्होंने आगे कहा कि सहजन की फलियों और पत्तियों में फाइबर पाया जाता है, जो संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसकी सब्जी बनाकर खाना कई घरों में पारंपरिक भोजन का हिस्सा है. वहीं फूलों से पकौड़े और पत्तियों से स्वादिष्ट भुजिया भी तैयार की जाती है. इसके किसी भी हिस्से का इस्तेमाल करें, ये फायदा ही पहुंचाता है. हालांकि डीप फ्राइड खाने से लाभ ना के बराबर मिलता है.
आयुर्वेद में भी इस्तेमाल
आयुर्वेद में सहजन के विभिन्न हिस्सों का उल्लेख मिलता है और पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल कई तरह से किया जाता रहा है. इसके पत्ते, फल, फूल और छाल का उपयोग अलग-अलग घरेलू और पारंपरिक नुस्खों में किया जाता है. कुछ लोग इसे रक्तचाप, रक्त शर्करा, जोड़ों और त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी मानते हैं, लेकिन इन बीमारियों को ठीक करने या ‘रामबाण’ इलाज का दावा वैज्ञानिक रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता.
खाने का सही तरीका जरूरी
वे आगे बताते हैं कि सहजन को भोजन में शामिल करना स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति नियमित दवा ले रहा है, गर्भवती है या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, तो सहजन के पत्ते, चूर्ण या अर्क का औषधीय मात्रा में सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है. यानी सहजन को चमत्कारी दवा नहीं, बल्कि पौष्टिक और उपयोगी आहार के रूप में अपनाना ज्यादा सुरक्षित और समझदारी भरा तरीका है.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
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