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प्रखंड के नावाडीह बाजोबार गांव के रास्ते से लगातार कोयला लदे भारी वाहनों के परिचालन से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दिन के साथ-साथ रातभर इस मार्ग से हाइवा और अन्य कोल वाहनों की आवाजाही जारी रहने से ग्रामीणों में आक्रोश है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर नावाडीह के रास्ते से गुजर रहे कई कोल वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सिमरिया क्षेत्र में चल रहे ‘हाइवा चतरा छोड़ो आंदोलन’ के कारण कोल वाहन वैकल्पिक ग्रामीण मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया गया कि कई वाहन सिकरी अथवा रोल होते हुए नावाडीह, गिद्धौर के रास्ते कटकमसांडी स्थित कोल डंपिंग साइट की ओर आ-जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। समाजसेवी रामचंद्र दांगी ने कहा कि रातभर कोयला लदे भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है। शाम होते ही इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और बढ़ जाती है। ग्रामीणों द्वारा मना किए जाने के बावजूद परिचालन लगातार जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि मामले की सूचना पत्थलगडा अंचल प्रशासन एवं पुलिस को भी दी गई है। इसके बाद ग्रामीणों ने कई कोल वाहनों को रोककर अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। साथ ही मामले की सूचना जिले के वरीय अधिकारियों तक भी पहुंचाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नावाडीह का यह ग्रामीण मार्ग कोल वाहनों के परिचालन के लिए निर्धारित नहीं है और इस रास्ते से भारी वाहनों के आवागमन पर पाबंदी है। इसके बावजूद लगातार कोल वाहनों के परिचालन से सड़क सुरक्षा, ग्रामीणों की आवाजाही और दुर्घटना की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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