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Ranchi Success Story: रांची के अंकित आशीष मिश्रा ने UPSC CAPF परीक्षा में 236वीं रैंक हासिल कर परचम लहराया है. चाय की टपरी लगाने वाले माता-पिता के बेटे अंकित ने 10 घंटे पढ़ाई और प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनकर सफलता पाई.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के अंकित आशीष मिश्रा जो कि रातू रोड के रहने वाले हैं. उनके माता-पिता चाय की टपरी लगाते हैं. अंकित बताते हैं कि यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा में 236 रैंक लाना मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है. हर दिन 10 घंटे पढ़ाई करते थे और प्रेमानंद महाराज जी का प्रवचन सुनते थे. इससे स्ट्रेस और ओवर थिंकिंग बहुत कम होती थी.
उन्होंने बताया कि आज तक कभी भी किसी पार्टी में नहीं गए. कॉलेज के फेयरवेल पार्टी में भी नहीं गए. काफी सैक्रिफाइस करने के बाद आखिर ये सफलता मिली. कॉलेज के दिनों में अपनी पढ़ाई को जारी रखने के लिए उन्होंने ट्यूशन पढ़ाया और कॉलेज की फीस भरते थे. क्योंकि फाइनेंशली बहुत दिक्कत थी और वह अपने घर का बोझ नहीं बनना चाहते थे.
सुबह 4:00 बजे ब्रह्म मुहूर्त में थे उठते
अंकित बताते हैं कि वह सुबह 4:00 बजे ब्रह्म मुहूर्त में उठते थे. यह भगवान का मुहूर्त होता है. इस समय पढ़ाई काफी शानदार होती है. इस समय 2-3 घंटा निकाल लेता था. खासतौर पर रिवीजन के लिए यह समय काफी अच्छा होता है या फिर वैसा विषय जो कठिन है और आपको जल्दी समझ में नहीं आ रहा है तो इस समय वैसे विषय को ही पढ़ते थे और रिवीजन पर अधिक फोकस करते थे.
प्रेमानंद महाराज जी के जरूर सुनता था प्रवचन
अंकित बताते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी का प्रवचन जरूर देखा करता था. उनके छोटे-छोटे उपदेश मुझे काफी सही लगते थे. इससे जो ओवर थिंकिंग होती है व परेशानी यह सारी चीज नहीं होती थी और इससे मेरा सोने की क्वालिटी काफी अच्छी रहती थी. सात्विक जीवन जीने में काफी मदद मिली और यह चीज मेरी पढ़ाई में भी मेरी काफी सहायक हुई.
फेयरवेल में भी नहीं गया
अंकित आगे बताते हैं कि कॉलेज में कई बार पार्टी फेयरवेल या फिर स्कूल में भी कई सारी चीज होती थी, लेकिन वह कहीं नहीं जाते थे. क्योंकि इसके लिए आपको पैसे कंट्रीब्यूट करने पड़ते थे और वह इस पैसे को अपनी पढ़ाई में लगाते थे और फोकस होकर सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान देते थे. मेरी मां सुबह के 2:00 बजे उठकर 3:00 बजे चाय की टपरी लगा देती हैं. उनके संघर्ष को भी देखकर सबसे अधिक मोटिवेशन मिला.
यह था उनका दूसरा अटेम्प्ट
अंकित बताते हैं कि यह मेरा दूसरा प्रयास था. पहले प्रयास में इंटरव्यू में नंबर कम आ गया था तो इस बार खासतौर पर इंटरव्यू के लिए उन्होंने काफी मेहनत की. उन्होंने कैटालिस्ट आईएएस ज्वाइन किया. जहां पर विशाल सर ने मुझे बहुत बारीकी से गाइड किया. एकदम पर्सनल गाइड किया और इस वजह से इस बार इंटरव्यू में शानदार नंबर आया. ऐसे में इंटरव्यू में भी आपको बहुत ध्यान देना है. अपनी पर्सनालिटी व कॉन्फिडेंस पर नजर रखनी है. इसके लिए मॉक इंटरव्यू देना काफी सहायक होता है. वह भी कई बार दिए हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
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