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Ranchi Khatu Shyam Mandir: रांची में खाटू श्याम जी महाराज के तीन भव्य मंदिर हैं, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. किशोरगंज मंदिर का भंडारा प्रसिद्ध है. यहां 40 किलोमीटर दूरू से भी भक्त भंडारा खाने पहुंचते हैं. आइये जानते हैं इस मंदिर की विशेषता के बारे में.
ऐसे कई सारे भक्त हैं, जो खाटू श्याम जी महाराज को बहुत मानते हैं. उनके दर्शन के लिए दूर-दूर तक जाते हैं, लेकिन झारखंड की राजधानी रांची में ही ऐसे तीन खाटू श्याम जी महाराज जी के भव्य मंदिर हैं. जहां की खूबसूरती देखते बनती है. कहा जाता है कि यहां पर जो भी आता है, उसकी हर मनोकामना जरुर पूरी होती है.
व्यक्ति यहां से खाली हाथ बिल्कुल भी नहीं जाता है. खासतौर पर रांची के किशोरगंज का भव्य मंदिर, जहां पर हर फ्राइडे को जबरदस्त भंडारा लगता है और इसके लिए लोग दो-दो घंटे लाइन में खड़े रहते हैं. इस मंदिर की भव्यता देखते बनती है. सोने के हार से महाराज को सजाया जाता है. ऐसा भक्तिमय माहौल की भक्त यहां नाचने, गाने व रोने लगते हैं.
यहां की खास बात यह है कि भंडारा अगर आप एक बार खाएंगे तो हमेशा खींचे चले आएंगे. दरअसल, भंडारे में इडली सांभर वड़ा एकदम रेस्टोरेंट स्टाइल वाला खाना मिलता है और यह खाना खाने के लिए यहां पर 1 किलोमीटर लंबा लाइन लगी रहती है. वह भी एकदम डिसिप्लिन के साथ. 40 किलोमीटर दूर से लोग सिर्फ यहां के भंडारे का स्वाद लेने के लिए आते हैं.
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इसके बाद आप आ जाइए रांची के अग्रसेन भवन के ठीक सामने वाले खाटू श्याम जी महाराज जी के मंदिर में. यहां के कमेटी के सदस्य अमित बताते हैं, यहां पर भी भंडारा लगता है तरह-तरह के प्रसाद शाम के समय जैसे खीर खिचड़ी यह सारी चीज देखने को मिलती है. भक्त इसके लिए इंतजार करते रहते हैं.
सबसे जरूरी यहां पर कोई भी खाली हाथ कभी नहीं जाता है. हमने कभी नहीं देखा है कि यहां पर कोई आया है मांगने और उसकी मुराद पूरी न हुई हो, बस आपका आस्था सच्ची होनी चाहिए और थोड़ा सा आपके भीतर धैर्य होना चाहिए. ऐसे ऐसे मुराद पूरी हुई है जिसके बारे में कहना भी मुश्किल है. आंखों देखा हाल है.
इसके बाद आप आ सकते रांची के रातू रोड स्थित खाटू श्याम जी महाराज जी के मंदिर में. यहां पर भी हर शाम को भव्य आरती और भजन कीर्तन होती है. अच्छी खासी भीड़ लगती है अगर आपको थोड़ी परेशानी है मन नही लग रहा है, तो एक बार यहां का आरती अटेंड कर ले, सारी परेशानी छूमंतर हो जाएगी.
यहां के पुजारी तारकेश्वर बताते हैं, यहां पर सुबह शाम पूजा होती है. दोपहर में बस कुछ समय के लिए ही मंदीर बंद होती है. यहां पर भी आप आते हैं और सच्चे दिल से जो मांगते हैं. वह मुराद महाराज जरूर पूरी करते हैं. हर दिन भक्त खुद महाराज का श्रृंगार करते हैं और यह मौका सारे भक्तों को अलग-अलग दिन मिलता है, जो भक्त करना चाहे वह आकर कर सकते हैं.