भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Sukhbir Singh Badal Attack News: सुखबीर बादल हमला मामला: CISF सुरक्षा केवल...


Sukhbir Singh Badal Attack News: नांदेड के गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले ने सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि यह भी पूछने पर मजबूर किया है कि Z+ सुरक्षा आखिर जमीन पर कितनी मजबूत है? सुखबीर बादल पर हमले की कोशिश हुई तो वह महाराष्ट्र में थे. यहां उनके साथ CISF का सुरक्षा कवर नहीं था. उनकी सुरक्षा में पंजाब पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के जवान तैनात थे. आरोपी अचानक करीब आया और हमला करने की कोशिश की. बादल ने हाथ से वार रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. इस मामले का सबसे अहम पहलू यही है कि Z+ सुरक्षा होने के बावजूद अलग-अलग राज्यों में सुरक्षा का स्वरूप कितना बदल जाता है.

सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि सूत्रों के मुताबिक सुखबीर सिंह बादल को CISF के जवान सिर्फ पंजाब और दिल्ली में मिलते हैं. महाराष्ट्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे सुरक्षा बलों पर थी. हमले के बाद अब यही व्यवस्था जांच के घेरे में है. पुलिस आरोपी जसपाल सिंह के मकसद से लेकर किसी संभावित साजिश तक हर पहलू खंगाल रही है. महाराष्ट्र एटीएस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की है. शुरुआती तौर पर आरोपी ने पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे को लेकर गुस्से की बात कही है, लेकिन पुलिस उसके बयान को अंतिम सच मानकर नहीं चल रही है.

Z+ सुरक्षा में महाराष्ट्र में CISF क्यों नहीं?

सुखबीर सिंह बादल को Z+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है. इसके बावजूद महाराष्ट्र में उनके साथ CISF के जवान नहीं थे. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक CISF का सुरक्षा कवर उनके लिए पंजाब और दिल्ली तक सीमित है. महाराष्ट्र में पंजाब पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात थे. ऐसे में गुरुद्वारे जैसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थान पर आरोपी का इतनी नजदीक तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बन गया.

सीढ़ियों से उतरते वक्त आरोपी ने किया हमला

घटना गुरुवार दोपहर करीब 1:45 से 2 बजे के बीच की बताई गई है. सुखबीर बादल परिवार के साथ तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में माथा टेकने के बाद मुदखेड़ के माता साहिब देवाजी गुरुद्वारे पहुंचे थे. दर्शन के बाद जब वह सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी निहंग सिख के वेश में मौजूद जसपाल सिंह ने कथित तौर पर उन पर हमला करने की कोशिश की. आरोपी ने रूमाल में कृपाण छिपा रखी थी. बादल ने हाथ से वार रोक लिया. उनके हाथ पर चोट आई और 2-3 टांके लगाए गए. सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया. आरोपी को काबू करते समय नांदेड एसपीयू के इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे भी घायल हुए.

कौन है आरोपी जसपाल सिंह?

पुलिस के मुताबिक आरोपी जसपाल सिंह तेजा सिंह ऐदल की उम्र 62 साल है और वह पुणे के सोलापुर बाजार इलाके का रहने वाला है. वह वकील रह चुका है और कुछ समय हिंदुस्तान यूनिलीवर में भी काम कर चुका है. रिटायरमेंट के बाद करीब दो साल से वह नांदेड गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर रह रहा था. शुरुआती जांच में उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड या किसी गिरोह से संबंध सामने नहीं आया है. पूछताछ में उसने पहले हमले को अचानक लिया गया फैसला बताया. बाद में उसने पंजाब में ड्रग्स की समस्या और बादल परिवार के प्रति नाराजगी का जिक्र किया.

ड्रग्स के मुद्दे को बताया हमले की वजह

सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में कहा कि जब पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार थी, तब ड्रग्स के मामलों पर पर्याप्त सख्ती नहीं हुई. उसके मुताबिक पंजाब के कई युवा नशे की वजह से बर्बाद हो गए. पुलिस अब आरोपी के इस बयान की हर एंगल से जांच कर रही है. महाराष्ट्र एटीएस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी उससे देर रात तक पूछताछ की. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला सिर्फ व्यक्तिगत नाराजगी का नतीजा था या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश भी थी.

FIR में हत्या के प्रयास समेत कई धाराएं

सुखबीर सिंह बादल पर हमले के मामले में नांदेड के मुदखेड़ पुलिस थाने में जसपाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास और धारा 353 के तहत सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है. इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी लगाई गई है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा व्यवस्था और आरोपी की गतिविधियों की जांच कर रही है.

दिसंबर 2024 में भी हुआ था हमला

सुखबीर बादल पर यह पहला हमला नहीं है. इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उन पर हमला करने की कोशिश हुई थी. ऐसे में नांदेड की घटना ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की रिपोर्ट मांगी है और गहन जांच के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुखबीर बादल से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. शिरोमणि अकाली दल ने घटना को गंभीर बताते हुए साजिश की आशंका जताई है और जांच की मांग की है.

जांच में राजनीतिक साजिश से लेकर सुरक्षा चूक तक हर एंगल

अब जांच का फोकस सिर्फ आरोपी के बयान तक सीमित नहीं है. पुलिस यह भी देख रही है कि आरोपी गुरुद्वारे में करीब दो साल से सेवादार के तौर पर रह रहा था, तो क्या उसे सुखबीर बादल की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी थी. साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि कहीं उसे किसी ने उकसाया या मदद तो नहीं की. सबसे बड़ा सवाल यही है कि Z+ सुरक्षा वाले नेता तक आरोपी हथियार लेकर इतनी आसानी से कैसे पहुंच गया. महाराष्ट्र में CISF कवर नहीं होने की वजह और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा भी अब जांच का अहम हिस्सा बन सकती है.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top