कोडरमा. सावन के पवित्र महीने में देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. सैकड़ों किलोमीटर की पैदल कांवर यात्रा और लंबी वाहन यात्रा के बाद जब कांवरिया कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित महाराणा प्रताप चौक के समीप बायपास रोड पहुंचते हैं, तो यहां स्थित बाबा निवास शिव वाटिका उनके लिए थकान मिटाने और सुकून पाने का बड़ा केंद्र बन रही है.
14 साल से कर रहे हैं निशुल्क सेवा
बाबा निवास शिव वाटिका के संचालक सुजीत लोहानी ने विशेष बातचीत में बताया कि वह यहां पिछले 14 वर्षों से लगातार देवघर जाने और लौटने वाले कांवरियों की निशुल्क सेवा कर रहे हैं. यहां रुकने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क चाय, पानी, भोजन, विश्राम और दवा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है. सावन के दौरान एसी बैंक्विट हॉल में आकर्षक शिव परिवार दरबार सजाकर भजन संध्या का भी आयोजन किया जाता है. स्थानीय कलाकार राजा चौरसिया, आराधना सिंह समेत अन्य कलाकारों की प्रस्तुति पर कांवरिया भक्ति में झूम उठते हैं और सफर की थकान कुछ ही देर में भूल जाते हैं.
देवघर में भी शिविर के माध्यम से कई वर्षों तक कर चुके हैं सेवा
उन्होंने बताया कि बाबा निवास शिव वाटिका में झारखंड के पलामू, चतरा, चक्रधरपुर, बिहार के बेतिया, मुंगेर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, आरा, सिवान और पटना के अलावा उत्तर प्रदेश के बरेली, हरिद्वार और प्रयागराज, पड़ोसी देश नेपाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों से गुजरने वाले कांवरियों को सेवा का लाभ मिल रहा है.
संचालक सुजीत लोहानी ने बताया कि वह भक्तों में ही भगवान का स्वरूप देखते हैं. शिव भक्तों की सेवा करना उनके लिए भगवान की सेवा करने जैसा है. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई वर्षों तक देवघर में शिविर लगाकर कांवरियों की सेवा की है. लेकिन कोडरमा से गुजरने वाले कांवरियों को रात में सड़क किनारे विश्राम करते और खाना बनाते देखकर उन्होंने यहां स्थायी रूप से सेवा शुरू करने का निर्णय लिया. बारिश और खराब मौसम के दौरान कांवरियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए यह व्यवस्था उनके लिए काफी राहत दे रही है.
यहां मिलने वाली सेवा और सत्कार से कांवरिया प्रभावित
देवघर से लौटने वाले कांवरिया भी बाबा निवास शिव वाटिका की सेवा और सत्कार से काफी प्रभावित नजर आते हैं. कई श्रद्धालु बताते हैं कि लंबी यात्रा के दौरान उन्हें इस तरह की निशुल्क सुविधा मिलने की उम्मीद नहीं थी. भोजन, पानी, आराम और भक्ति संगीत का माहौल उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से नई ऊर्जा देता है.
सुजीत यहां रुकने वाले कांवरियों से अपील भी करते हैं कि उनके गांव या क्षेत्र से देवघर जाने वाले कांवरियों को बाबा निवास शिव वाटिका की निशुल्क सेवा की जानकारी जरूर दें, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ उ ठा सकें. पूरे सावन यहां हर दिन बड़ी बसों और छोटी गाड़ियों से करीब 400 से 500 कांवरिया रुकते हैं. कई बार भीड़ बढ़ने पर यह संख्या करीब एक हजार तक पहुंच जाती है.