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बस्तर के नेतानार पुलिस कैंप में सेवा डेरा का निर्माण किया गया है, जहां महिलाओं को निशुल्क सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य सुदूर इलाकों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे वे प्रशिक्षण के बाद अच्छी आमदनी कर सकेंगी.
बस्तर के नेतानार पुलिस कैंप में सेवा डेरा का निर्माण किया गया है, जहां बस्तर की महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य सुदूर इलाकों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है.
प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना
नेतानार पुलिस कैंप में स्थापित सेवा डेरा में बस्तर के दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली महिलाएं निशुल्क सिलाई का काम सीख रही हैं. इस प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कपड़े सिलने के साथ-साथ सिलाई मशीन चलाने और बेहतर तरीके से काम करने की जानकारी भी दी जा रही है.
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं अपने गांव और आसपास के इलाकों में सिलाई का काम शुरू कर अच्छी आमदनी कर सकेंगी. बस्तर के कुछ पुलिस कैंपों को ग्रामीणों को ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चॉइस सेंटर और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है.
प्रशिक्षुओं के अनुभव
सेवा डेरा में प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए. नागगुर की इंद्रकांत सेठिया ने बताया कि वह लगभग एक महीने से यहां निशुल्क सिलाई सीख रही हैं. उन्होंने कहा कि पहले वह गृहिणी थीं और कोई काम नहीं करती थीं, लेकिन अब सिलाई सीखने के बाद गांव में सिलाई सेंटर खोलकर काम करेंगी. उन्हें समूह के माध्यम से इस प्रशिक्षण के बारे में जानकारी मिली.
भविष्य की योजनाएं
नानगुर की खुशबू शोरी ने बताया कि उन्हें यहां फ्रॉक, सूट और ब्लाउज बनाना सिखाया जा रहा है. ट्रेनर उन्हें बारीकी से सिलाई का काम सिखा रहे हैं. उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली है. अब सिलाई सीखकर दुकान खोलकर अच्छी कमाई करना चाहती हैं.