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बच्चों को भूख हड़ताल नहीं करनी चाहिए थी:स्वास्थ्य मंत्री बोले – आंदोलनकारी...




जामताड़ा के गांधी मैदान में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले उन्होंने पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के साथ परेड का निरीक्षण किया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाया। समारोह में उपायुक्त आलोक कुमार, एसपी शंभू कुमार सिंह समेत जिले के वरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। संबोधन में मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूतों को नमन किया। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार राज्यहित और आम लोगों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। समारोह के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया। बच्चों को भूख हड़ताल नहीं करनी चाहिए थी समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने JPSC-JSSC मुद्दे को लेकर चल रहे बच्चों के आंदोलन और उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जान है तो जहान है। बच्चों को भूख हड़ताल नहीं करनी चाहिए थी।” मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम आंदोलन कर रहे बच्चों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के इलाज के नाम पर सरकारी या निजी किसी भी अस्पताल को एक रुपया लेने की अनुमति नहीं है। यदि कोई अस्पताल इलाज के लिए पैसे की मांग करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने दावा किया कि सरकार बच्चों की समस्या को गंभीरता से ले रही है और एक-दो दिनों के भीतर आंदोलन समाप्त कराने की दिशा में पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। JPSC-JSSC को लेकर मंत्री ने कहा कि युवाओं के हित और रोजगार के अवसर सरकार की प्राथमिकता में हैं। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। MMDR बिल पर बोले- राज्य को राजस्व का नुकसान मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार के MMDR (Mines and Minerals Development and Regulation) से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के हितों को प्रभावित करने वाला यह कानून संसद से पारित कराया गया है। मंत्री ने दावा किया कि कुछ सामाजिक तत्वों और दिल्ली से मीडिया को लाकर लोगों का ध्यान दूसरी ओर भटकाया गया और इसी बीच संसद में झारखंड विरोधी MMDR बिल पारित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि झारखंड देश को बड़े पैमाने पर कोयला उपलब्ध कराता है और खनिज संसाधनों से राज्य को राजस्व मिलता है। उनके अनुसार, नए प्रावधानों से राज्य को करीब 10 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है। मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नहीं चाहती कि झारखंड में मंईयां सम्मान योजना, पेंशन और रोजगार योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराएगी और झारखंड के अधिकारों व हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।



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