पलामू. आज के समय में ब्यूटी पार्लर महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है. सरकार द्वारा भी स्किल इंडिया और स्किल डेवलपमेंट के तहत ब्यूटीशियन के कोर्स कराए जा रहे हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्र से शहर के इलाकों तक ब्यूटीशियन का कारोबार लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में यह बेहद अच्छा कारोबार है. दरअसल, खास बात यह है कि इसे शुरू करने के लिए बहुत बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती. अगर किसी महिला के पास ब्यूटी और मेकअप का हुनर है, तो वह छोटे स्तर से शुरुआत कर धीरे-धीरे अपने कारोबार को बड़ा कर सकती है, जिससे बाद में अच्छी कमाई की जा सकती है.
इतने में शुरू हो सकता है काम
पलामू की ब्यूटी एक्सपर्ट कल्पना कुमारी ने बताया कि एक सामान्य स्तर का ब्यूटी पार्लर खोलने के लिए करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये तक का शुरुआती खर्च आ सकता है. इसमें दुकान का किराया और एडवांस, चेयर, शीशा, टेबल, फेशियल बेड, स्टीमर, हेयर ड्रायर, हेयर स्ट्रेटनर, वैक्सिंग मशीन, मेकअप और अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं. वहीं अगर घर से ही पार्लर शुरू किया जाए, तो किराये और दुकान के फर्नीचर का खर्च बचने के कारण कारोबार की शुरुआत की जा सकती है.
हो सकती है इतनी कमाई
उन्होंने कहा कि पार्लर में कमाई का सबसे बड़ा आधार रोजाना आने वाले ग्राहक और दी जाने वाली सेवाएं होती हैं. हेयर कटिंग, हेयर स्पा, फेशियल, क्लीनअप, वैक्सिंग, थ्रेडिंग, मेकअप, मेहंदी और ब्राइडल मेकअप जैसी सेवाओं से लगातार आमदनी होती है. छोटे पार्लर में भी अगर हर दिन 8 से 10 ग्राहक आते हैं और प्रति ग्राहक औसतन 300 से 500 रुपये का कारोबार होता है, तो रोजाना करीब 2,400 से 5,000 रुपये तक की बिक्री हो सकती है. शुरुआत में अगर कम भी हो और एक ब्राइडल सीजन में 3 से 4 ब्राइड का भी ऑफर आ जाता है, तो एक सीजन में 30 से 40 हजार की कमाई हो सकती है.
मुनाफा कितना होगा
उन्होंने आगे बताया कि इस हिसाब से महीने में 25 दिन काम करने पर करीब 60 हजार से 1.25 लाख रुपये तक का सकल कारोबार संभव है. इसमें से किराया, बिजली, कॉस्मेटिक सामग्री, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालने के बाद शुरुआती स्तर पर 20 से 50 हजार रुपये तक का मासिक मुनाफा हो सकता है. ग्राहक बढ़ने और ब्राइडल मेकअप जैसी सेवाएं जुड़ने पर कमाई इससे काफी अधिक हो सकती है.
रोजगार का मजबूत जरिया
उन्होंने कहा कि ब्यूटी पार्लर की सफलता में जगह, काम की गुणवत्ता, व्यवहार और ग्राहकों का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है. त्योहार, शादी और लगन के सीजन में पार्लर की कमाई कई गुना तक बढ़ सकती है. इसलिए महिलाओं के लिए ब्यूटी पार्लर केवल सौंदर्य सेवा का व्यवसाय नहीं, बल्कि कम पूंजी में शुरू होने वाला रोजगार का मजबूत जरिया भी बन सकता है.