Last Updated:
JPSC Protest: रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन भले ही फिलहाल थम गया हो, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए जल्द ‘आंदोलन पार्ट-2’ शुरू होगा. उनका कहना है कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे छात्रों को दोबारा आंदोलन या अनशन करने की जरूरत न पड़े.
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
रांचीः झारखंड में छात्रों की जीत हुई, लेकिन आंदोलन की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया में सुधार और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए ‘आंदोलन पार्ट-2’ शुरू किया जाएगा. देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, छात्रों के मुद्दों को लेकर उन्होंने 24 दिनों तक अनशन किया. इस दौरान छात्रों की कई मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन चला. झारखंड सरकार की ओर से JPSC और कुछ अन्य परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद अनशन समाप्त किया गया.
देवेंद्र नाथ महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मीडिया से बाचतीच की. उन्होंने सरकार के इस फैसले को छात्रों की बड़ी और ऐतिहासिक जीत बताया. हालांकि, उनका कहना है कि सिर्फ कुछ परीक्षाएं रद्द होने से छात्रों की सभी समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं. देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अभी लंबी लड़ाई बाकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, पेपर लीक और पारदर्शिता की कमी से छात्रों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है.
दूसरे चरण के आंदोलन का मुख्य मुद्दा क्या होगा?
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अब आंदोलन के दूसरे चरण में भर्ती प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा. उनकी मांग है कि ऐसी व्यवस्था बने, जिससे भविष्य में पेपर लीक या परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में हर स्तर पर ऑडिट की मांग की है. उनका कहना है कि परीक्षा आयोजित कराने से लेकर रिजल्ट जारी होने तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी होनी चाहिए. उन्होंने एक निगरानी कमिटी बनाने की भी मांग की. इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया में अलग-अलग स्तर पर क्लियरेंस सर्टिफिकेट की व्यवस्था करने की बात कही. उनका कहना है कि इससे जिम्मेदारी तय करने में आसानी होगी और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में जवाबदेही तय की जा सकेगी. उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा व्यवस्था में बदलाव के लिए कानून या संविधान में संशोधन की जरूरत पड़ती है तो उस पर भी विचार होना चाहिए.
छात्रों का समय और मेहनत बर्बाद हुई
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी का सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को होता है. छात्र महीनों और सालों तक तैयारी करते हैं. परीक्षा के बाद अगर पेपर लीक या दूसरी गड़बड़ी सामने आती है तो उनकी पूरी मेहनत प्रभावित होती है. उन्होंने छात्रों के समय और मेहनत की बर्बादी पर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि किसी भी छात्र को अपनी मांगों के लिए सड़क पर उतरने या भूख हड़ताल करने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए.
आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था भी प्रभावित हुई
देवेंद्र महतो ने बताया कि 24 दिनों के आंदोलन के दौरान डॉक्टरों और अस्पतालों के स्तर पर भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखा. देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों और युवाओं ने आंदोलन पर जो भरोसा जताया, वह उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है. इसी भरोसे के कारण वे आगे भी छात्रों के साथ खड़े रहेंगे.
अब आंदोलन के दूसरे चरण की तैयारी
देवेंद्र नाथ महतो ने साफ किया कि सरकार के फैसले के बाद आंदोलन का पहला चरण सफल रहा है, लेकिन अब दूसरा चरण शुरू किया जाएगा. इस चरण में परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मांग प्रमुख होगी. उनका कहना है कि सरकार को ऐसी व्यवस्था की गारंटी देनी चाहिए, जिसमें पेपर लीक और दूसरी धांधली की कोई जगह न हो. भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष हो और हर छात्र को अपनी मेहनत के आधार पर मौका मिले. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार कराना है, जिसमें छात्रों को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन या अनशन करने की जरूरत ही न पड़े.
About the Author
Journalist with a sharp focus on Bihar and Jharkhand, covering politics, crime, and trending stories with a strong ground-level perspective. Passionate about listening to stories, understanding them deeply, and…
और पढ़ें