मऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने में जुट गए हैं. कोई सरकार के कामकाज और उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच पहुंच रहा है तो विपक्ष रोजगार, महंगाई, किसान, शिक्षा और दूसरे जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जनता के मन में क्या है? क्या लोग पिछले पांच साल के कामकाज से संतुष्ट हैं या बदलाव का मन बना चुके हैं?
5 साल में नहीं हुआ कोई कार्य विधायक के साथ बदलना है सरकार
लोकल 18 से बात करते हुए माहपुर ग्राम सभा निवासी अमरुल्लाह खान ने बताया कि वर्तमान सरकार का कार्यकाल जीरो है. कागजों में तो कई योजनाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है. सरकार में सिर्फ हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद ही मुद्दा रहा है. विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ है. इस बार 2027 विधानसभा चुनाव में शिक्षा, किसान, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य को देखकर वोट किया जाएगा.
गरीब और अमीर बच्चों के लिए एक जैसी शिक्षा की मांग
अमरुल्लाह खान का कहना है कि सरकार को चाहिए कि शिक्षा प्रणाली एक करे. चाहे स्कूल प्राइवेट हो या सरकारी, सभी को एक जैसी सुविधाएं और शिक्षा मिलनी चाहिए. ताकि जो पढ़ाई अमीर कर सके, वही पढ़ाई गरीब भी कर सके. उनका कहना है कि इस बार शिक्षा का मुद्दा सबसे बड़ा होगा. हालांकि इस विधानसभा के विधायक का सरकार में कोई दो नहीं है, लेकिन उनका कार्यकाल भी सही नहीं रहा. उनका आरोप है कि विधायक कभी क्षेत्र में दिखाई नहीं दिए. इस बार उनका मुद्दा विधायक के साथ सरकार बदलना है.
सरकार ने किसानों व बुजुर्गों के लिए किया बेहतर काम
एहसान खान ने बताया कि बीजेपी सरकार का कार्यकाल बहुत ही बेहतर रहा है. प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत किसानों को 6 हजार रुपये सालाना मिल रहे हैं. साथ ही बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाकर अब 1500 रुपये हो गई है. उनका कहना है कि सरकार का कार्यकाल ठीक रहा है और अगली बार भी 2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बनाएंगे.
हालांकि, उन्होंने वर्तमान विधायक के कार्यकाल को ठीक नहीं बताया. उनका कहना है कि क्षेत्र में विधायक कभी दिखाई नहीं दिए और न ही इलाके में कोई विकास कार्य हुआ है. बीजेपी सरकार सबके हित में काम कर रही है और बिना भेदभाव के काम कर रही है. इसी वजह से वह अगली बार फिर भाजपा की सरकार बनाएंगे.
महंगाई और पेपर लीक को लेकर नाराजगी
रुक्मान खान ने बताया कि इस बार विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई होगा. हाल ही में देखिए चीनी के दाम कितने अधिक बढ़ गए हैं. दूसरा मुद्दा शिक्षा होगा, क्योंकि इस सरकार में पेपर लीक के मामले सबसे अधिक हैं. पेपर लीक का मुद्दा रुकना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है.
उन्होंने कहा कि सरकार को सरकारी अस्पताल और सरकारी विद्यालयों को सबसे बेहतर रखना चाहिए, लेकिन इस सरकार में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है. इसलिए इस बार विधानसभा चुनाव में वोट करने से पहले शिक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार को ध्यान में रखा जाएगा. उनका कहना है कि इस बार सरकार को बदलना है, क्योंकि शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार बात नहीं कर रही है.
युवाओं के मुद्दे पर वोट करने की तैयारी
महताब आलम और शाहिद ने बताया कि इस बार युवाओं के मुद्दे को देखते हुए विधानसभा में वोट किया जाएगा. उन्होंने अपने गांव में विकास कार्यों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके गांव में तो कुछ नहीं हुआ. यदि उनके गांव में विकास नहीं हुआ तो संभवत: पूरे विधानसभा क्षेत्र में भी विकास नहीं हुआ होगा.
उनका कहना है कि इस बार शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे भारी पड़ेंगे और इन्हीं मुद्दों को देखते हुए सरकार बनाई जाएगी. उनका आरोप है कि सरकार सिर्फ कागजों में काम कर रही है और धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है. महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है.
महिलाओं ने कहा- न आवास मिला न शौचालय
गांव की महिला लाली व इंद्रासिनी ने बताया कि सरकार लाख दावे कर रही है कि विकास कार्य हुआ है, घर-घर शौचालय बनवाया गया है और गरीबों को आवास दिया गया है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. ना उन्हें रहने के लिए आवास मिला और ना ही आज तक शौचालय मिला जिससे तमाम समस्याएं आ रही हैं. आज भी लोग शौचालय करने के लिए बाहर जाते हैं. घर तक जाने के लिए सड़क नहीं है और घर में बिजली की व्यवस्था नहीं है, इन सब चीजों को देखते हुए इस बार सरकार बदलनी है और ऐसी सरकार को चुना जाएगा जो गरीबों के हित में काम करें सिर्फ वादे ना करें.