भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

एचईसी का पुनरुद्धार करने 6 सदस्यीय संसदीय समिति रांची पहुंची:एचईसी के रिवाइवल...




वित्तीय संकट से जूझ रहे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एचईसी के पुनरुद्धार (रिवाइवल) की कवायद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले को लेकर सांसद तिरुचि शिवा की अध्यक्षता में केंद्रीय संसदीय समिति की छह सदस्यीय टीम बुधवार को रांची पहुंची। टीम में सांसद मल्लू रवि, चंदन चौहान, सुलता देव और हंसमुख भाई पटेल शामिल हैं। एचईसी के सीएमडी केएस मूर्ति भी बुधवार दोपहर रांची पहुंच गए। गुरुवार को समिति एचईसी प्रबंधन के साथ बैठक कर कंपनी की वित्तीय और उत्पादन स्थिति की समीक्षा करेगी। इस दौरान करीब 500 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। संसदीय समिति के एचईसी मुख्यालय पहुंचने पर सुबह उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद टीम एफएफपी, एचएमबीपी और एचएमटीपी प्लांटों का निरीक्षण करेगी तथा विभिन्न शॉप्स में जाकर मशीनरी, उत्पादन क्षमता और कर्मचारियों के हालात का जायजा लेगी। ट्रेड यूनियनों से भी होगी सीधी बातचीत प्लांट निरीक्षण के बाद एचईसी मुख्यालय में संसदीय समिति और एचईसी की ट्रेड यूनियनों के बीच महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में एचईसी प्रबंधन की मौजूदगी भी रहेगी। बैठक में एचईसी श्रमिक संघ, जनता मजदूर यूनियन, एचईसी लिमिटेड श्रमिक कर्मचारी यूनियन, हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन, एचईसी मजदूर संघ, हटिया कामगार यूनियन, हटिया लोकमंच, हटिया मजदूर यूनियन और ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यूनियन प्रतिनिधि समिति के सामने एचईसी की जमीनी हकीकत, कर्मचारियों की समस्याओं, कंपनी की वित्तीय स्थिति और उत्पादन को फिर से पटरी पर लाने के उपायों को रखेंगे। 2017 से बैंक गारंटी की सुविधा बंद यूनियनों ने केंद्र सरकार के सामने एचईसी के लिए तत्काल रिवाइवल पैकेज की मांग रखी है। इसके साथ ही करीब 500 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। यूनियनों का कहना है कि वर्ष 2017 से एचईसी के लिए बैंक गारंटी की सुविधा बंद है, जिसका सीधा असर कंपनी के कामकाज और नए ऑर्डर हासिल करने की क्षमता पर पड़ा है। उनका तर्क है कि एचईसी जैसी रणनीतिक और भारी इंजीनियरिंग कंपनी को सिर्फ पुरानी देनदारियां चुकाने के लिए सहायता देने से उसका पुनरुद्धार संभव नहीं होगा। एचईसी के पास वर्किंग कैपिटल का संकट एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने कहा कि एचईसी का रिवाइवल जरूरी है। मजदूरों के हितों के मुद्दे उठाएंगे। एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष शनि सिंह ने कहा कि एचईसी के पास क्षमता और विशेषज्ञता आज भी है, लेकिन कच्चा माल खरीदने, उत्पादन चक्र चलाने और बड़े ऑर्डर समय पर पूरा करने के लिए जरूरी कार्यशील पूंजी का संकट बना हुआ है। वहीं हटिया प्रोजेक्ट यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि एचईसी में कार्यरत कर्मियों के हितों को देखते हुए एचईसी का रिवाइवल जरूरी है। 500 एकड़ जमीन पर राज्य सरकार से चर्चा संसदीय समिति राज्य सरकार के कैबिनेट सचिव से भी वार्ता कर सकती है। इसमें एचईसी की करीब 500 एकड़ जमीन राज्य सरकार को ट्रांसफर करने और मंत्रालय से तत्काल राहत पैकेज दिलाने पर मंथन होगा। इसके अलावा यूनियनें कंपनी की जमीनी स्थिति, कर्मचारियों की समस्याओं, वित्तीय संकट और उत्पादन बढ़ाने के उपायों से समिति को अवगत कराएंगी।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top