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बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिए तमाम तरह की सरकारी योजनाएं चलती हैं. इन योजनाओं के जरिए युवाओं को सब्सिडी पर लोन उपलब्ध कराया जाता है. इन योजनाओं के जरिए दिए जाने वाले लोन में किस्त और ब्याज में तमाम तरह की छूट दी जाती हैं. इन छूट से लोन लेने वालों को काफी राहत मिलती है.
पलामू: सरकार द्वारा आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह की योजना चलाई जा रही है. इन योजनाओं के जरिए युवाओं से लेकर किसान और बेरोजगार सभी लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं. किसानों के साथ अपने व्यापार क्षेत्र में भी जो आगे बढ़ना चाहते हैं उसके लिए भी सरकार अभियान चला रही है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्योग शुरू करने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जा रही है.
दरअसल, पलामू जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले को इस योजना के तहत 83 लाभुकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. इसके विरुद्ध अब तक 15 आवेदकों का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है. योजना का उद्देश्य छोटे खाद्य कारोबार को बढ़ावा देने के साथ लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है. ये योजना का लाभ लेकर अपना व्यवसाय खोल रहे हैं.
खाद्य से जुड़े कई कारोबार शुरू करने का मौका
पलामू जिले के उद्योग विभाग के जिला समन्वयक चंद्रकांत पांडे ने बताया कि योजना के तहत लाभुक खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं. इसमें आटा चक्की, तेल मिल, दाल मिल, नमकीन निर्माण, मसाला मशीन, केक-ब्रेड निर्माण, आइसक्रीम सहित अन्य खाद्य उत्पादों से जुड़े उद्योग शामिल हैं. इसके लिए इच्छुक व्यक्ति को व्यवसाय के अनुसार प्रोजेक्ट तैयार कर आवेदन करना होता है.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को आधार कार्ड, पैन कार्ड और प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं. आवेदन और परियोजना की जांच के बाद बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाती है. ऋण मिलने के बाद लाभुक अपने प्रस्तावित खाद्य कारोबार की शुरुआत कर सकता है.
35 प्रतिशत तक सरकार देती है अनुदान
उन्होंने आगे कहा कि योजना की खास बात यह है कि परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है. लाभुक को अपनी ओर से 10 प्रतिशत अंशदान देना होता है. शेष राशि बैंक के माध्यम से ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है. इससे कम पूंजी वाले लोग भी खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ा व्यवसाय शुरू कर सकते हैं.
समूह को एक करोड़ और व्यक्तिगत को 10 लाख तक
उन्होंने बताया कि योजना के तहत व्यक्तिगत स्तर पर कारोबार शुरू करने वाले लाभुकों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है. वहीं समूह के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर परियोजना की लागत एक करोड़ रुपये तक हो सकती है. इस योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और छोटे कारोबारियों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.
बिजनेस शुरू करने का बेहतर अवसर
उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पादों की मांग लगातार बनी रहने के कारण इस योजना के माध्यम से छोटे उद्योग शुरू करना स्वरोजगार का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. इच्छुक व्यक्ति अपने कारोबार के अनुसार प्रोजेक्ट तैयार कर योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. इससे एक ओर जहां नया व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
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