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‘जब बाबरी ढांचा गिराया गया, तब मैं वहां था, मुझे इस पर बहुत गर्व’: फडणवीस

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में ‘मंथन 4 युवा’ कार्यक्रम के दौरान अपनी राजनीतिक यात्रा और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े अनुभव साझा किए. फडणवीस ने बताया कि 20 साल की उम्र में उन्होंने आंदोलन के दौरान 18 दिन बदायूं की केंद्रीय जेल में बिताए थे. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उन पर गोलियां चलाई गईं, लाठियों से पीटा गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया. फडणवीस ने यह भी कहा कि 1992 में जब बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया, तब वह वहां मौजूद थे और उन्हें इस पर बहुत गर्व है.

'जब बाबरी ढांचा गिराया गया, तब मैं वहां था, मुझे इस पर बहुत गर्व': फडणवीसZoom

देवेंद्र फडणवीस ने 1992 के बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने को याद करते हुए कहा है कि तब मैं वहां था और मुझे इस पर बहुत गर्व है. (फाइल फोटो)

नागपुर. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नागपुर में आयोजित ‘मंथन 4 युवा’ कार्यक्रम में अपनी राजनीतिक यात्रा के साथ राम जन्मभूमि आंदोलन के दिनों को भी याद किया. उन्होंने कहा कि 1992 में जब बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया, तब वह वहां मौजूद थे और उन्हें इस पर बहुत गर्व है. ‘जेन-जी’ के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में सवाल-जवाब के दौरान फडणवीस ने कहा कि भारत का संविधान और लोकतंत्र किसी सामान्य व्यक्ति को भी देश के बड़े संवैधानिक पदों तक पहुंचने का मौका देता है. उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए इसे लोकतंत्र की ताकत बताया.

फडणवीस ने कहा कि जब उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया, तब वह केवल विचारों से प्रेरित थे. उस समय उन्हें लगता था कि जिस पार्टी के साथ वह काम कर रहे हैं, उसके सत्ता में आने की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि वे सोचते थे कि उनका जीवन विपक्ष में राजनीति करने के लिए ही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हर दिन आंदोलन और संघर्ष किया. इसके बाद जनता ने उन पर भरोसा जताया और वह एक-एक सीढ़ी चढ़ते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं.

20 साल की उम्र में 18 दिन जेल में रहे
फडणवीस ने अपने राजनीतिक संघर्ष को याद करते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वह 20 साल की उम्र में इस आंदोलन से जुड़े थे और बदायूं की केंद्रीय जेल में 18 दिन बिताए. उन्होंने कहा कि वह प्रयागराज गए और वहां से अयोध्या की ओर गए. उनके मुताबिक, यह पहली बार था जब उन्होंने देखा कि भाषण और बयानबाजी किस तरह काम करती है. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उन पर गोलियां चलाई गईं, लाठियों से पीटा गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया. फडणवीस ने कहा कि जेल से वापस आने के बाद भी वह आंदोलन में शामिल रहे.

‘1992 में मैं वहां था, मुझे बहुत गर्व है’
फडणवीस ने कहा कि जब 1992 में बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया, तब मैं वहां था. मुझे इस पर बहुत गर्व है. उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीति सामाजिक और आर्थिक बदलाव का एक माध्यम है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि लोकतंत्र की ताकत की वजह से सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी बड़े पद तक पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि यही भारत के संविधान, लोकतंत्र और देश के युवाओं की ताकत है. कार्यक्रम में फडणवीस ने युवाओं को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘स्टार्टअप इकोसिस्टम’ के लिए नीति तैयार करने के साथ फंड की व्‍यवस्‍था की है. साथ ही, इन्क्यूबेशन केंद्र भी बनाए हैं. अब इन केंद्रों का विकेंद्रीकरण किया जा रहा है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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