नई दिल्ली (BTech vs BCA BSc AI Data Science). हर साल लाखों स्टूडेंट्स बीटेक करके आईटी सेक्टर में मोटी सैलरी वाली नौकरी हासिल करने का सपना देखते हैं. लेकिन जेईई जैसा कठिन एंट्रेंस एग्जाम पास कर पाना आसान नहीं होता है. उसके बाद प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज की लाखों रुपये की फीस भी हर किसी के बस की बात नहीं होती. ऐसे में कई स्टूडेंट्स निराश हो जाते हैं और सोचने लगते हैं कि बिना बीटेक की डिग्री के सॉफ्टवेयर, कोडिंग या आईटी इंडस्ट्री में जगह बनाना नामुमकिन है.
बीटेक वर्सेस बीसीए/बीएससी: 3 साल में बन जाएगा करियर
किसी भी टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक करने के लिए जेईई में बेहतरीन रैंक होना जरूरी है. वहीं, प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस अफोर्ड कर पाना आसान नहीं है. इसीलिए इन दिनों स्टूडेंट्स नॉन बीटेक कोर्स को प्राथमिकता देने लगे हैं. जानिए इनके बारे में.
कम फीस और 1 साल की बचत
बीटेक 4 साल का इंजीनियरिंग कोर्स है. इसकी फीस अक्सर 8 से 15 लाख रुपये तक पहुंच जाती है. वहीं बीसीए या बीएससी डेटा साइंस कोर्स 3 साल में पूरा हो जाता है और इसकी फीस भी काफी कम होती है. बीटेक की तुलना में इसमें आप 1 साल पहले पासआउट होकर कमाना शुरू कर देते हैं.
डायरेक्ट प्रैक्टिकल और टेक नॉलेज
BCA और BSc Data Science & AI में क्या सिखाया जाता है?
किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने से पहले उसका सिलेबस समझना जरूरी है. इससे बाद में कोई दिक्कत नहीं आती है.
बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशंस): सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वेब डिजाइनिंग, ऐप डेवलपमेंट और नेटवर्किंग के शौकीनों के लिए यह बेस्ट है.
बीएससी इन डेटा साइंस एंड एआई: अगर डेटा के साथ खेलना, ट्रेंड्स समझना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए टूल्स बनाना पसंद है तो यह न्यू-एज कोर्स परफेक्ट है.
आईटी में जॉब और सैलरी का क्या है स्कोप?
आज गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, इन्फोसिस और एसेंचर जैसी दिग्गज कंपनियां डिग्री से ज्यादा स्किल्स और पोर्टफोलियो को अहमियत दे रही हैं.
- बीसीए या बीएससी डेटा साइंस कोर्स पूरा करने के बाद सॉफ्टवेयर डेवलपर, डेटा एनालिस्ट, AI स्पेशलिस्ट, वेब डेवलपर या क्लाउड सपोर्ट इंजीनियर के तौर पर शुरुआत कर सकते हैं.
- अगर आप पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप्स करते हैं तो फ्रेशर के तौर पर भी 4 से 8 लाख रुपये सालाना का शुरुआती पैकेज आसानी से मिल सकता है.