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Success story: सुल्तानपुर के दीपक बेहद साधारण परिवार से संबंध रखते हैं उनके पिता अपने पारिवारिक काम नाव चलाने का काम करते हैं. दीपक ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का फैसला लिया लेकिन, उनके पास आर्थिक संसाधनों की कमी थी और इसी को देखते हुए काफी परेशान रहने लगे. उनकी पत्नी ने उनके इस काम में सहयोग किया और अब दीपक पूरे सुल्तानपुर जनपद में घूम-घूम कर तस्वीरें कैद करते हैं.
सुल्तानपुरः कहते हैं कि अगर दिल में हौसला हो जुनून हो तो कोई भी आदमी किसी भी काम को आसानी से कर सकता है. इसी का उदाहरण पेश किया है सुल्तानपुर के रहने वाली दियरा गांव के दीपक निषाद ने जिनकी कहानी संघर्ष बयां करती है. दीपक बेहद साधारण परिवार से संबंध रखते हैं उनके पिता अपने पारिवारिक काम नाव चलाने का काम करते हैं. दीपक ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का फैसला लिया लेकिन, उनके पास आर्थिक संसाधनों की कमी थी और इसी को देखते हुए काफी परेशान रहने लगे. उनकी पत्नी ने उनके इस काम में सहयोग किया और अब दीपक पूरे सुल्तानपुर जनपद में घूम-घूम कर तस्वीरें कैद करते हैं. अपने पिछले 12 वर्षों में उन्होंने 2 लाख से अधिक फोटो खींची है. दीपक आज लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर काम कर रहे हैं तो आइए जानते हैं क्या है दीपक की संघर्षमय कहानी.
अपने पैसों से पूरी की पढ़ाई
दीपक के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संसाधनों की थी. इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अपने ही पैसों से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने यह भी तय किया कि वह ऐसा काम करेंगे, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिल सके और परिवार की जिम्मेदारियों में भी योगदान दे सकें. इसी तलाश के दौरान उनका झुकाव तस्वीरें खींचने की तरफ बढ़ा. शुरुआत आसान नहीं थी. कैमरा और दूसरे जरूरी संसाधन जुटाना भी उनके लिए चुनौती थी. कई बार आर्थिक परेशानियों ने उन्हें हतोत्साहित किया, लेकिन उनका जुनून लगातार उन्हें आगे बढ़ाता रहा.
पत्नी ने दिया साथ, कैमरा बना साथी
दीपक बताते हैं कि उनके इस सफर में उनकी पत्नी ने उनका काफी सहयोग किया. जब आर्थिक परिस्थितियां मुश्किल थीं, तब पत्नी ने उनका हौसला बढ़ाया और उनके फैसले पर भरोसा किया. यही सहयोग दीपक के लिए बड़ी ताकत बना. इसके बाद दीपक ने सुल्तानपुर के अलग-अलग इलाकों में घूमना शुरू किया. गांव, शहर, खेत, नदियां, धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक स्थान और आम जिंदगी से जुड़े तमाम खूबसूरत पलों को उन्होंने अपने कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे यही उनका जुनून बन गया और कैमरा उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया.
12 साल में खींच डालीं 2 लाख से ज्यादा तस्वीरें
पिछले करीब 12 वर्षों में दीपक निषाद ने सुल्तानपुर जनपद में घूम-घूमकर 2 लाख से ज्यादा तस्वीरें अपने कैमरे में कैद की हैं. उनकी तस्वीरों में सिर्फ खूबसूरत नजारे ही नहीं, बल्कि सुल्तानपुर की संस्कृति, गांवों की जिंदगी, परंपराएं और लोगों की कहानियां भी दिखाई देती हैं. आज दीपक उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को छोड़ देते हैं. उनकी कहानी बताती है कि शुरुआत करने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती. अगर मेहनत, हौसला और परिवार का साथ हो, तो साधारण परिस्थितियों से निकलकर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई जा सकती है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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