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सावन में शाहजहांपुर के 14 कांवड़िये 31 लीटर गंगाजल लेकर साइकिल से हरिद्वार से देवघर तक 1300 किमी की अनोखी यात्रा पर निकले हैं. झुमरी तिलैया में उनका स्वागत हुआ. जहां उन्हें चाय-पानी, भोजन और रात्रि विश्राम मिला. यह यात्रा उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है.
कोडरमा: सावन के पावन महीने में भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के तिलहर क्षेत्र से 14 कांवरियों का एक दल साइकिल से हरिद्वार से बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर की यात्रा पर निकला है. श्रद्धालु अपने साथ 31 लीटर पवित्र गंगाजल लेकर 1300 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं. भगवा वस्त्र धारण किए कांवरिये अपनी साइकिलों को भगवा ध्वज, कांवड़ और धार्मिक सामग्री से सजाकर यात्रा कर रहे हैं. रास्ते भर भगवान शिव का जयकारा लगाते हुए यह दल बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहा है. दल में महंत सुनील चोटी वाला, उपमहंत ब्रजेश भोले और कोषाध्यक्ष राजा भोले समेत अन्य श्रद्धालु शामिल हैं.
आस्था और संकल्प ने दी लंबी यात्रा की ताकत
कांवड़ियों ने बताया कि बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था और विश्वास ही उन्हें इतनी लंबी दूरी साइकिल से तय करने की प्रेरणा देता है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर देवघर पहुंचना और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करना उनके लिए केवल यात्रा नहीं बल्कि वर्षों से जुड़ा आस्था और संकल्प है. उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाला लोगों का सहयोग और सेवा भाव उनका उत्साह बढ़ाता है. कठिन दूरी और थकान के बावजूद बाबा भोलेनाथ का नाम लेते हुए उनका दल लगातार आगे बढ़ रहा है.
बाबा निवास शिव वाटिका में हुआ भव्य स्वागत
साइकिल कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का दल झुमरी तिलैया बाईपास रोड स्थित बाबा निवास शिव वाटिका पहुंचा. यहां शिव वाटिका के सेवकों ने कांवड़ियों का स्वागत और सेवा किया. बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना होने से पहले कांवड़ियों ने अपनी साइकिल और कांवर की विधिवत आरती उतारी. इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया. चाय और ब्रेड का नाश्ता करने के बाद सभी श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर आगे बढ़ गए.
14 वर्षों से कांवरियों की सेवा कर रहा शिव वाटिका
बाबा निवास शिव वाटिका के संचालक सुजीत लोहानी ने कहा कि वे कांवड़ियों में बाबा भोलेनाथ का स्वरूप देखते हैं. इसी भावना के साथ पिछले 14 वर्षों से लगातार कांवड़ियों की सेवा की जा रही है. उन्होंने बताया कि शिव वाटिका में इस मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए निःशुल्क चाय-पानी, भोजन, रात्रि विश्राम और दवा की व्यवस्था की जाती है. उनका उद्देश्य यही है कि लंबी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को रास्ते में कुछ समय आराम और सेवा का अवसर मिल सके.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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