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लातेहार जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज बारिश के कारण कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है, पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गये हैं और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। छिपादोहर थाना क्षेत्र की चुंगरू पंचायत में शनिवार देर रात तेज बारिश के कारण मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा मिट्टी के कटाव के चलते बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने से सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। इससे चुंगरू पंचायत के करीब आधा दर्जन गांवों की 10 हजार से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क लगभग कट गया है। लाभर से नावाडीह तक बनी यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2024 में तैयार की गयी थी। बार-बार सड़क के बहने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले 13 अगस्त को भी इसी मार्ग का एक हिस्सा तेज बारिश में बह गया था। मनिका विधायक रामचंद्र सिंह की पहल पर उसकी मरम्मत कर आवागमन बहाल कराया गया था। अब दोबारा सड़क बह जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है और उन्हें रोजमर्रा के काम के लिए भी आवागमन में कठिनाई हो रही है। राजडंडा नदी का पुल क्षतिग्रस्त महुआडांड़-डालटनगंज मुख्य पथ पर राजडंडा गांव के पास राजडंडा नदी पर बना पुल भी शनिवार देर शाम मूसलाधार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से पुल के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त पुल से वाहनों के गुजरने पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इधर, छिपादोहर थाना क्षेत्र के सतनदिया नाला में भी पानी का स्तर काफी बढ़ गया है और तेज बहाव जारी है। स्थिति को देखते हुए डालटनगंज की ओर जाने वाले बाइक, ऑटो, कार समेत छोटे वाहनों को नाला पार करने से रोक दिया गया है। गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा ने लोगों से तेज बहाव के दौरान नाला पार नहीं करने और सुरक्षित मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों तथा तेज बहाव वाले नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गयी है। बारिश से गिरे घर, परिवारों के सामने रहने का संकट लगातार बारिश का असर जिले के आवासों पर भी पड़ा है। लातेहार थाना क्षेत्र के मोंगर गांव में भोला बैठा का घर बारिश के कारण गिर गया। इससे परिवार को काफी क्षति हुई है और बारिश के बीच रहने की समस्या खड़ी हो गयी है। वहीं सदर प्रखंड की बेंदी पंचायत अंतर्गत तुपुखुर्द गांव में मजदूर धर्मेंद्र प्रसाद, पिता नन्हू साव का घर रात में अचानक गिर गया। उस समय परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे। हालांकि, घर गिरने की आहट मिलते ही सभी लोग बाहर निकल गये, जिससे वे बाल-बाल बच गये। फिलहाल परिवार दूसरे के घर में रहने को मजबूर है। मुखिया रामदयाल उरांव ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने और सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की मांग की है। बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में घरों और सड़कों को हुए नुकसान का असर लोगों के सामान्य जीवन पर पड़ा है। लोध फॉल समेत जलप्रपातों में बढ़ा जलप्रवाह बारिश से जहां जिले में जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं जलप्रपातों में पानी का प्रवाह काफी बढ़ गया है। झारखंड के सबसे ऊंचे जलप्रपात के रूप में प्रसिद्ध महुआडांड़ क्षेत्र स्थित लोध फॉल में तेज धार के साथ पानी गिर रहा है। आसपास की हरियाली के बीच जलप्रपात का रौद्र रूप पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। लोध फॉल के अलावा सुग्गा बांध, मिर्चैया फॉल, डाटम पाटम समेत अन्य जलप्रपातों में भी जलस्तर बढ़ गया है। लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से नदी, नाले और जलप्रपातों के किनारे जाने से बचने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार नहीं करने की अपील की है। लातेहार पुलिस ने भी लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। एसपी कुमार गौरव ने प्रभावित मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने, तेज बहाव वाले नदी-नालों और क्षतिग्रस्त पुलों को पार नहीं करने तथा सुरक्षित मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की है।
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