भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

“यह माननीय का अपमान”, जयराम महतो बनाम पुलिस एसोसिएशन विवाद बढ़ा, गिरफ्तारी...


रांची. झारखंड में डुमरी विधायक जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है. धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ कथित अभद्र बातचीत और धमकी के मामले में पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है. दूसरी ओर जयराम महतो लगातार पुलिस एसोसिएशन के रवैये और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं. अब बीजेपी, कांग्रेस और जेएमएम नेताओं के बयान से यह मामला और चर्चा में आ गया है. ऐसे में यह विवाद विधायक बनाम पुलिस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने के आसार हैं.

पुलिस एसोसिएशन और जयराम महतो आमने-सामने

दरअसल, विवाद की शुरुआत धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ जयराम महतो की कथित फोन बातचीत से हुई. सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को लेकर आरोप लगाया गया कि बातचीत के दौरान आपत्तिजनक भाषा और धमकी का इस्तेमाल हुआ. इसके बाद पुलिस एसोसिएशन ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी. पुलिस की ओर से इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है. हालांकि वायरल ऑडियो की वास्तविकता की पुष्टि नहीं हुई है, वहीं जयराम महतो ने आरोपों पर भी सवाल उठाए हैं.

पांच दिन में गिरफ्तारी की मांग

दूसरी ओर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो और अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है. एसोसिएशन का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा. रांची और लोहरदगा समेत दूसरे जिलों की पुलिस एसोसिएशन की इकाइयों से भी इस मांग को समर्थन मिलने की खबरें सामने आई हैं. बता दें कि इससे पहले पुलिस संगठनों की ओर से जयराम महतो से माफी मांगने की मांग भी की गई थी. ऐसे में अब मामला सिर्फ विधायक और एक थाना प्रभारी के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस संगठन और निर्वाचित जनप्रतिनिधि के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा है.

जयराम महतो ने भी उठाए सवाल

जबकि, जयराम महतो ने पुलिस एसोसिएशन के रवैये पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी है. उन्होंने दूसरे मामलों का हवाला देते हुए पूछा कि जब पुलिस अधिकारियों को धमकियां मिलती हैं तब पुलिस एसोसिएशन की भूमिका क्या रहती है. जयराम महतो का कहना है कि पुलिस को नियम के तहत काम करना चाहिए, न कि दबाव में आकर. बता दें कि इससे पहले वह पूरे ऑडियो को सार्वजनिक करने की मांग भी कर चुके हैं और माफी मांगने से इनकार कर चुके हैं.

जयराम महतो ने नये पोस्ट में क्या कहा?

इसी क्रम में जयराम महतो ने सोशल मीडिया में एक और पोस्ट किया है और कहा है कि वे ईमानदार अफसरों का सम्मान करते हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा,  प्रिय एसोसिएशन वालों, पुनः एक बात कहना चाहेंगे-जो ईमानदार हैं, उनको हमारा नमस्कार है, चाहे वह चपरासी, सिपाही, अधिकारी या जमादार है. लेकिन जो करते भ्रष्टाचार हैं, उनसे होगी लड़ाई आर पार है.. विधायकी दांव पर लेकर चलते है.

जयराम महतो के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

BJP ने पुलिस एसोसिएशन के अल्टीमेटम पर उठाए सवाल

दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शहदेव ने कहा कि किसी विधायक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संगठन की ओर से पांच दिन का अल्टीमेटम देना उचित नहीं है. उनका कहना है कि नियम और कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक निर्वाचित विधायक के साथ पुलिस का ऐसा रवैया है तो आम लोगों और खासकर मूलवासी-आदिवासी समाज के साथ पुलिस का व्यवहार कैसा होगा.

कांग्रेस ने दोनों पक्षों से संयम की अपील की

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि बीजेपी के कार्यकाल में राज्य की पुलिस व्यवस्था की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कई बार दोनों पक्षों की ओर से जरूरत से ज्यादा बयानबाजी हो जाती है. उनका कहना है कि पुलिस और जनप्रतिनिधि दोनों को संयम बरतना चाहिए, ताकि माहौल खराब न हो. उन्होंने विधायक को भी पद की गरिमा के अनुरूप संयम रखने की सलाह दी थी.

JMM ने भी संयम की सलाह दी

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि अगर प्रशासन अपना काम ठीक से नहीं कर रहा है तो इसकी शिकायत उचित फोरम पर की जानी चाहिए. जेएमएम प्रवक्ता ने कहा कि जयराम महतो को आवेश में आकर काम करने से बचना चाहिए, क्योंकि उनका राजनीतिक भविष्य लंबा है और ऐसे विवादों से बचना उनके लिए बेहतर होगा.

अब आगे विवाद क्या मोड़ लेगा?

फिलहाल पुलिस एसोसिएशन की कार्रवाई की मांग, विधायक के लगातार सवाल और राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. एक तरफ पुलिस संगठन अपने सदस्यों के सम्मान और मनोबल का मुद्दा उठा रहा है, वहीं जयराम महतो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल कर रहे हैं. अब नजर पुलिस जांच और इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top