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चतरा सदर थाना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना परिसर में फरियादी से आवेदन लिखने के नाम पर पैसे मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में एक पीड़ित व्यक्ति थाना पहुंचकर अपना आवेदन लिखवाने का आग्रह करता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि इस दौरान उससे आवेदन लिखने के एवज में सरेआम पैसे की मांग की गई। वीडियो में एक चौकीदार द्वारा खर्च के नाम पर न्यूनतम 100 रुपए मांगे जाने की बात सामने आ रही है। फरियादी के पैसे देने से इनकार करने पर उसे जाओ यहां से कहकर वहां से चले जाने को कहा गया और आवेदन लिखने से मना कर दिया गया। घटना को लेकर सदर थाने में पदस्थापित चौकीदार कुंदन कुमार समेत कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। वीडियो बनाने पर गाली-गलौज और बदसलूकी का भी आरोप मामले के सामने आने के बाद यह भी आरोप लगाया गया कि जब फरियादी ने पूरी घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की तो उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की गयी। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो करीब एक साल पुराना, 29 सितंबर 2025 का बताया जा रहा है। वीडियो अब वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है। तीन चौकीदार और एक दारोगा से स्पष्टीकरण तलब वीडियो वायरल होने के बाद चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने मामले का संज्ञान लेते हुए सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन को जांच का आदेश दिया। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर चुके हैं। मामले में संबंधित तीन चौकीदारों और एक दारोगा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वीडियो में दिख रही घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई थी और इसमें कौन-कौन पुलिसकर्मी शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। चौकीदार को आवेदन लिखने का अधिकार नहीं सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने कहा कि वीडियो एक साल पुराना हो या किसी भी समय का, इससे पुलिस महकमे की छवि धूमिल हुई है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि चतरा एसपी के आदेश के बाद जांच कर रिपोर्ट सौंप दी गयी है और कार्रवाई लगभग तय है। एसडीपीओ ने स्पष्ट कहा कि चौकीदार को फरियादी का आवेदन लिखने का अधिकार भी नहीं है। ऐसे में आवेदन लिखने के नाम पर पैसे की मांग करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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