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Punjab University Student Union Election Result: पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में बीजेपी समर्थित ABVP ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए प्रेसिडेंट पद पर कब्जा जमा लिया है. अकाली दल के छात्र संगठन SOI के उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद SOI ने ABVP को समर्थन दिया. इस ग्रैंड ओल्ड फ्रेंड्स के गठबंधन के बल पर ABVP प्रत्याशी अंकित बिढान ने 513 वोटों से जीत दर्ज की जबकि आप समर्थित ASAP और कांग्रेस समर्थित NSUI पीछे छूट गए.
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में गठबंधन की खिचड़ी अभी पक ही रही है लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) की राजनीति में एक ऐसा बड़ा ट्विस्ट आया जिसने हर किसी की बोलती बंद कर दी है. बीजेपी और अकाली दल के पुराने रिश्तों की गर्माहट इस बार कैंपस इलेक्शन में साफ दिखाई दी. बीजेपी के छात्र संगठन ABVP और अकाली दल के विंग SOI ने जैसे ही हाथ मिलाया, कैंपस के पूरे सियासी समीकरण का गेम ही पलट गया.
SOI का एन-टाइम सरप्राइज और ABVP का मास्टरस्ट्रोक
कहानी में असली टर्निंग पॉइंट तब आया जब चुनाव से ठीक पहले SOI के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया. आमतौर पर ऐसे मौके पर संगठन असमंजस में पड़ जाते हैं लेकिन SOI ने बड़ा दिल दिखाते हुए बिना किसी शर्त के ABVP को अपना फुल सपोर्ट देने का ऐलान कर दिया. गुरुद्वारा साहिब में हाथ मिलाकर किया गया यह ऐलान विरोधियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था. SOI का मजबूत वोट बेस और ABVP का तगड़ा कैडर जैसे ही एक साथ आया, जीत का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया.
वोटों की बारिश: अंकित बिढान ने आदिल बराड़ को पछाड़ा
30 अगस्त 2026 को हुए इस कांटे की टक्कर वाले चुनाव के जब नतीजे सामने आए तो एबीवीपी के उम्मीदवार अंकित बिढान ने प्रेसिडेंट की कुर्सी पर अपना कब्जा जमा लिया. अंकित बिढान को कुल 3,149 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्व यानी आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन ASAP के उम्मीदवार आदिल बराड़ (2,636 वोट) को 513 वोटों के भारी मार्जिन से धूल चटा दी. वहीं, कांग्रेस समर्थित NSUI के उम्मीदवार गुरमान सिंह सिद्धू 2,270 वोटों के साथ तीसरे पायदान पर खिसक गए.
कैंपस से विधानसभा तक: नई सियासी हवा का संकेत?
पंजाब यूनिवर्सिटी का यह नतीजा सिर्फ किसी स्टूडेंट काउंसिल का इलेक्शन रिजल्ट नहीं है बल्कि इसे राज्य की आने वाली राजनीति का ट्रेलर माना जा रहा है. AAP और कांग्रेस जैसे बड़े प्लेयर्स को पछाड़कर ग्रैंड ओल्ड फ्रेंड्स (ABVP-SOI) का झंडा गाड़ना यह साफ इशारा करता है कि अगर दोनों पुरानी पार्टियां एक साथ आ जाएं तो मुकाबला कितना एकतरफा हो सकता है. कैंपस के गलियारों में अब बस एक ही चर्चा है. ‘दोस्ती हो तो ऐसी, जो आते ही सबकी बोलती बंद कर दे.’
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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