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जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में सोनारी की निर्मला कर्मकार को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल पहुंचने पर भी तत्काल चिकित्सीय सहायता नहीं मिली। परिणामस्वरूप, उन्हें करीब 20 मिनट तक टेंपो के अंदर ही तड़पना पड़ा और अंततः वाहन के अंदर ही उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। बताया जाता है कि डोबो पुल के पास प्रसव पीड़ा अचानक तेज होने के बाद पति दुर्गा कर्मकार उन्हें लेकर तुरंत एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने तक नवजात का आधे से अधिक शरीर बाहर आ चुका था। लेकिन मुख्य गेट पर होमगार्ड के जवान तैनात होने के बावजूद समय पर कोई मदद नहीं मिली। पति असमंजस में थे कि वे दर्द से कराह रही पत्नी को संभालें या अस्पताल के भीतर स्वास्थ्यकर्मियों की तलाश करें। करीब 20 मिनट के बाद सूचना मिलने पर डॉक्टर ने तीन नर्सों को मौके पर भेजा। नर्सों ने टेंपो में ही बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और प्रसूता को व्हीलचेयर से अंदर ले जाया गया। गनीमत यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति फिलहाल सामान्य है।
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