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क्या 2021 के यास तूफान जितना खतरनाक है अर्णब? झारखंड में अलर्ट,...


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Cyclone Arnab Jharkhand High Alert: चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के असर से झारखंड में मौसम बदल गया है.सवाल है क्या यह 2021 में आए ‘यास’ तूफान जितना खतरनाक है? तो जवाब भी जान लीजिए- हां, बहुत खतरनाक है! बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ प्रज्ञा ने बताया कि बुधवार शाम से लेकर गुरुवार तक ‘अर्णब’ का असर झारखंड में ज्यादा नजर आएगा. यह भी ‘यास’ की तरह वेरी सीवियर साइक्लोन कैटेगरी में है.

क्या 2021 के यास तूफान जैसा खतरनाक है अर्णब? झारखंड में अलर्ट, टेंशन में किसानZoom

चक्रवात अर्णब को लेकर झारखंड में हाई अलर्ट

रांची. चक्रवातीय तूफान ‘अर्णब’ को लेकर पूरा झारखंड अलर्ट मोड पर है. 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ‘अर्णब’ भी 2021 में आए चक्रवात यास की तरह नुकसान पहुंचा सकता है. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा के मुताबिक, अर्णब की तीव्रता को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह यह आंध्र प्रदेश के तट से टकराया. समुद्र में इसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों की गति इससे अधिक होने का अनुमान था. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा के अनुसार, अर्णब के प्रभाव से झारखंड में भी तेज हवाएं और बारिश देखने को मिल सकती हैं.

BAU वेधशाला में पल-पल की मॉनिटरिंग

बिरसा एग्रीकल्चर स्थित मौसम वेधशाला में लगे उपकरण तूफान से संबंधित एक-एक डाटा को बारीकी से दर्ज कर रहे हैं. हवा की गति और दिशा पर खास ध्यान रखा जा रहा है. डॉ प्रज्ञा के मुताबिक समुद्र तट पर इसकी हवा की गति 115 से 125 किमी प्रति घंटे रहने का अनुमान है, लेकिन झारखंड पहुंचते-पहुंचते यह कम होकर 40 से 60 किमी प्रति घंटे रह जाएगी. फिर भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा से फसलों को नुकसान हो सकता है. इसलिए किसानों को एहतियात बरतने को कहा गया है.

प्रशासन अलर्ट मोड पर

राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, बिजली विभाग, आपदा प्रबंधन समेत तमाम विभाग चौकस और तैनात हैं. पेड़ों की कटाई, बिजली तारों की मरम्मत और निचले इलाकों में जल जमाव से निपटने की तैयारी की जा रही है. लोगों से अपील की गई है कि बेवजह घर से बाहर न निकलें.

पिछले सालों के तूफान और झारखंड में असर

वर्ष चक्रवातीय तूफान का नाम                           नुकसान की प्रकृति
2019 फानी तूफान             20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का नुकसान
2020 अम्फान तूफान                     झारखंड में ज्यादा असर नहीं
2021 यास तूफान                    फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान                   पिछले 10 साल में सबसे खतरनाक
2021 गुलाब तूफान                            ज्यादा असर नहीं
2024 दाना और रेमल तूफान                             ज्यादा असर नहीं
2025 मोंथा तूफान,                         फसलों को काफी नुकसान

किसानों के लिए क्या सलाह

फिलहाल राज्य में सतर्कता जरूरी है. खासकर किसानों को फसल बचाने और आम लोगों को तेज हवा, वज्रपात तथा जलजमाव से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए. बिरसा कृषि विवि ने किसानों से कहा है कि खेतों में जल निकासी बनाए रखें, कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें, पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें और कीटनाशक का छिड़काव अभी न करें.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…

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