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Rajnath Singh in Cebu: फिलीपींस के सेबू में प्रवासी भारतीयों के बीच पहुंचे राजनाथ सिंह ने बदलते भारत के वैश्विक रुतबे की जोरदार तस्वीर पेश की. उन्होंने दो टूक कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अब भारत की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता; आज जब नई दिल्ली बोलती है, तो पूरी दुनिया कान लगाकर सुनती है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की बात आज पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है.
Rajnath Singh Interaction with Indian Community: फिलीपींस के सेबू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय के साथ संवाद करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है. आज भारत जब कोई बात कहता है तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है कि भारत क्या कह रहा है. उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रतिष्ठा बढ़ने से उसके नागरिकों में भी गौरव की भावना मजबूत होती है.
भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और प्रतिष्ठा को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा पूरी दुनिया को अपना परिवार माना है. यही सोच भारत को दूसरे देशों से अलग पहचान देती है.
रक्षा मंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 12 साल पहले भारत दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में 10वें-11वें स्थान पर था, जबकि आज वह पांचवें स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि पश्चिम एशिया में संकट पैदा नहीं हुआ होता तो भारत आर्थिक प्रगति के मामले में और आगे होता. राजनाथ सिंह ने इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया.
पाकिस्तान के खिलाफ भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष लोगों पर घातक हमला किया था, जिसमें 26 नागरिकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी. हमले के पहले आतंकियों ने धर्म पूछा फिर लोगों को मौत के घाट उतारा. मृतकों में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल थे. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद भारतीय सेना ने 7 मई को आतंकियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की. सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इसमें मसूद अजहर के लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हाफिज सईद के जमात-उद-दावा के आतंकी शिविर भी शामिल थे.
वहीं, पाकिस्तानी सेना ने जवाबी हमले के प्रयास में भारत पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम्स जैसे आकाशतीर और एस-400 ने उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया. इसके बाद भारत ने कड़ा पलटवार करते हुए पाकिस्तान के 9 से 11 वायुसेना ठिकानों को तबाह कर दिया. इस सख्त सैन्य कार्रवाई से घबराई पाकिस्तानी सेना ने संघर्षविराम की अपील की. पाकिस्तानी डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर तनाव समाप्त करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई. भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई के प्रमाण भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत किए, जिससे यह साफ हो गया कि भारत की जवाबी कार्रवाई सिर्फ आत्मरक्षा नहीं, बल्कि आतंक के ठिकानों को जड़ से खत्म करने की निर्णायक नीति का हिस्सा थी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…