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बोकारो में कुश्ती को फिर लोकप्रिय बनाने के लिए एक दिवसीय सीनियर झारखंड राज्य स्तरीय ट्रेडिशनल कुश्ती चैंपियनशिप हुई। इसमें राज्य के विभिन्न जिलों के लगभग 120 महिला और पुरुष पहलवानों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने अखाड़े में अपनी ताकत और तकनीक दिखाई। बोकारो जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने कहा कि कुश्ती भारतीय परंपरा का खेल है। भारतीय पहलवानों ने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि बोकारो तीन बार ओवरऑल चैंपियन रह चुका है। जिले में कुश्ती को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन, राज्य सरकार और खेल से जुड़े लोगों को मिलकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। धर्मवीर सिंह ने बताया कि अब जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं मिट्टी के बजाय मैट पर होती हैं। हालांकि, कई जगह पहलवान आज भी मिट्टी में अभ्यास करते हैं। पारंपरिक खेल और मिट्टी से जुड़ाव बनाए रखने के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई। विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे बोकारो जिला कुश्ती संघ के राष्ट्रीय कोच और पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी धनक चौधरी ने बताया कि प्रतियोगिता में करीब 45 महिला और 72 पुरुष पहलवान शामिल हुए। विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। वहीं, झारखंड राज्य कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षित प्रशिक्षक बबलू कुमार ने बताया कि यह सीनियर वर्ग की प्रतियोगिता है। प्रथम आने वाले पहलवान झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे इसमें 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पहलवान 18 और 19 नवंबर को उत्तर प्रदेश के आगरा में आयोजित राष्ट्रीय ट्रेडिशनल कुश्ती प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुकाबले ओलंपिक नियमों के तहत कराए जा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
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