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Hyderabad Fox Sagar Lake redevelopment at 75 crore: हैदराबाद की 129 साल पुरानी ऐतिहासिक फॉक्स सागर झील के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए 75 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई है. 1897 में निज़ाम महबूब अली खान द्वारा निर्मित यह झील औद्योगिक कचरे और अतिक्रमण से प्रभावित थी. अब इसे हुसैन सागर की तर्ज पर मिनी टैंक बंड के रूप में विकसित किया जाएगा. योजना के तहत 150 एकड़ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाएगा, वैज्ञानिक तरीके से गाद निकाली जाएगी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे. इससे स्थानीय पर्यटन और भूजल स्तर में अभूतपूर्व सुधार होगा.
तेलंगाना: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में ऐतिहासिक जलस्रोतों के संरक्षण और उनके सौंदर्यीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. शहर की उत्तर दिशा में स्थित ऐतिहासिक फॉक्स सागर झील को प्रसिद्ध हुसैन सागर की तर्ज पर एक बेहद खूबसूरत ‘मिनी टैंक बंड’ के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना तैयार की गई है. इस दूरगामी कायाकल्प परियोजना के पहले चरण के तहत राज्य प्रशासन द्वारा करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस कदम का मुख्य उद्देश्य इस प्राचीन जलाशय का संपूर्ण जीर्णोद्धार कर इसे एक प्रमुख पर्यटन, मनोरंजन और हरित स्थल के रूप में पुनर्स्थापित करना है.
इतिहास के जानकार बताते हैं कि फॉक्स सागर लगभग 129 वर्ष पुरानी एक ऐतिहासिक निज़ामकालीन झील है. इसका निर्माण वर्ष 1897 में हैदराबाद के छठे निज़ाम महबूब अली खान के दूरदर्शी शासनकाल के दौरान शहर की पीने के पानी की ज़रूरतों और आसपास के इलाकों में सिंचाई व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कराया गया था. एक समय में यह झील अपने अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य, पक्षियों की चहचहाहट और स्वच्छ शीतल जल के लिए पूरे शहर में पहचानी जाती थी.
औद्योगिक प्रदूषण और अतिक्रमण का दंश
बीते कुछ दशकों में तेज़ी से हुए शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के कारण यह खूबसूरत झील धीरे-धीरे अपनी मूल पहचान खोने लगी थी. जीदीमेटला औद्योगिक क्षेत्र के बेहद पास स्थित होने की वजह से इसमें फैक्ट्रियों का दूषित रासायनिक कचरा, शहर का सीवेज जल और ठोस कचरा लगातार गिरता रहा. इसके अलावा, झील के जलग्रहण क्षेत्र पर अवैध कब्जों और अतिक्रमणों के कारण इसका वास्तविक दायरा काफी सिमट गया था, जिसने इसके अस्तित्व पर ही बड़ा संकट खड़ा कर दिया था.
पुनरुद्धार योजना और वैज्ञानिक सफाई प्रक्रिया
पर्यावरण संतुलन को सुधारने और इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए बनाई गई बहाली योजना के तहत सबसे पहले झील के लगभग 150 एकड़ हिस्से को अतिक्रमण मुक्त कराने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके साथ ही झील की तलहटी में वर्षों से जमा जहरीली औद्योगिक गाद और रासायनिक मलबे को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से बाहर निकाला जाएगा. झील के जल को दोबारा स्वच्छ बनाने के लिए उन्नत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) स्थापित किए जाएंगे, ताकि गंदा पानी पहले शुद्ध होकर ही झील में प्रवेश करे.
पर्यटन केंद्र और पर्यावरणीय सुधार
सौंदर्यीकरण कार्य के अंतर्गत झील के किनारों पर पर्यटकों के लिए आधुनिक वॉकवे, हरित पाथवे, आकर्षक नाइट लाइटिंग, सुंदर बेंच और विश्वस्तरीय लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी. इस परियोजना के पूरा होने से स्थानीय निवासियों को सैर-सपाटे के लिए एक शानदार लेकफ्रंट मिलेगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा और आसपास के पर्यावरण को नया जीवन मिलेगा.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…