![]()
लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के गेरेन्जा-हराफू गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने एनटीपीसी के जीएम आनंद अग्रवाल समेत छह लोगों को करीब सात घंटे तक बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों ने ड्रोन कैमरे को गुलेल से गिराकर अपने कब्जे में ले लिया। कंपनी के पदाधिकारियों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। दो घंटे तक ड्रोन उड़ाया आनंद अग्रवाल के नेतृत्व में एनटीपीसी की टीम गेरेन्जा और हराफू गांव में सर्वे करने पहुंची थी। टीम में अपर महाप्रबंधक पेरुमल और एजीएम रोहित पाल भी शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने ग्रामसभा की अनुमति के बिना मकइया ताड़ पिकेट के पीछे रेलवे लाइन के पास करीब दो घंटे तक ड्रोन उड़ाया। ड्रोन को गुलेल मारकर गिरा दिया ड्रोन उड़ता देख ग्रामीण मोटरसाइकिल से उसकी तलाश करने लगे। गांव के पास ड्रोन दिखने पर उन्होंने उसे गुलेल से गिराकर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कंपनी के पदाधिकारियों ने सुरंगी टोगरी के पास खड़ी गाड़ी से निकलने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। जीएम की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवानों ने गाड़ी को चारों ओर से घेरकर सुरक्षा दी। ग्रामीणों ने रांची-चतरा मुख्य सड़क भी जाम कर दिया। दोपहर 12 से 2 बजे तक जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाना गलत है और दो घंटे के सर्वे की फुटेज पहले डिलीट की जाए। कंपनी के पदाधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि भविष्य में गांव की अनुमति के बिना कोई काम नहीं किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें छोड़ दिया। पदाधिकारी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ग्रामीणों के कब्जे में रहे। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले 10 अप्रैल 2026 को धांधू गांव में बिना अनुमति सर्वे करने पहुंचे एनटीपीसी के दो कर्मियों को ग्राम प्रधान बिहारी यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था और ड्रोन उपकरण जब्त कर लिया था। वहीं, 2 फरवरी 2025 को कंबल वितरण करने पहुंचे कंपनी के कर्मियों को भी ग्रामीणों ने बंधक बनाया था। दोनों मामलों में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कर्मियों को मुक्त कराया गया था।
Source link