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यात्रियों में मची अफरा-तफरी धनबाद स्टेशन पर मंगलवार सुबह गलत सिग्नल के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। 63542 गोमो-आसनसोल मेमू प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर जाने के बजाय प्लेटफॉर्म-1 और 2 के बीच स्थित डाउन मेन लाइन पर चली गई। गलत ट्रैक पर ट्रेन जाती देख लोको पायलट ने तत्काल ब्रेक लगाया और ट्रेन रोक दी। इससे बड़ा हादसा टल गया।
ट्रेन रुकते ही कई यात्री जान जोखिम में डालकर बोगियों से उतरे और पटरियों के रास्ते जाने लगे। सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर और रेलकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद ट्रेन को रिवर्स कराकर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर लाया गया। घटना के बाद आरआरआई में तैनात कर्मचारियों से पूछताछ की गई। मेमू में सवार होने के लिए बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफॉर्म-1 पर इंतजार कर रहे थे। वहीं, कई यात्रियों को धनबाद में उतरना था। ट्रेन अगर दोनों प्लेटफॉर्म के बीच मेन लाइन पर रुक जाती तो चढ़ने और उतरने वाले यात्री एक साथ पटरी पर आ जाते। इससे भगदड़ मचने के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। आरआरआई में गलत रूट सेट होने से पैदा हुई स्थिति
स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन के लिए सिग्नल और ट्रैक बदलने वाले पॉइंट को रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) सिस्टम से नियंत्रित किया जाता है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, आरआरआई में तैनात एक ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर ने मेमू को दूसरी ट्रेन समझकर मेन लाइन का रूट सेट कर दिया। हालांकि, इस चूक की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। जांच के बाद होगी कार्रवाई
घटना की जांच के लिए संरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। -मनीष सौरभ, सीनियर डीसीएम सह पीआरओ आरआरआई यानी रूट रिले इंटरलॉकिंग, यह रेलवे स्टेशनों और यार्ड में ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने वाली सिग्नल प्रणाली है। इसमें स्टेशन मास्टर कंट्रोल पैनल के जरिए सिग्नल और ट्रैक बदलने वाले पॉइंट को नियंत्रित करता है। रिले सर्किट से तय रूट के पॉइंट और सिग्नल सेट होते हैं। रूट लॉक होने के बाद ट्रेन के गुजरने तक संबंधित पॉइंट नहीं बदला जा सकता।
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