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गिरिडीह के झंडा मैदान में दीपावली के लिए पटाखों का बाजार सज गया है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री कम है और दुकानदारों को माल बचने से नुकसान की चिंता है। पटाखों के दाम भी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़े हैं। मैदान में बच्चों और बड़ों के लिए कई तरह के पटाखे रखे गए हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए रंग-बिरंगे पटाखे और अलग-अलग वैरायटी की चीजें दुकान में सजाई हैं। बाजार में पिछले साल जैसी रौनक नहीं पटाखा दुकानदार आकाश ने बताया कि इस बार बाजार में पिछले साल जैसी रौनक नहीं है। ग्राहकों की भीड़ कम है और बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह दुकानें खुलने से ग्राहक बंट गए हैं। इसका असर झंडा मैदान के बाजार पर पड़ा है। आकाश के मुताबिक, थोक कारोबारियों ने अपना माल बेच दिया है, लेकिन खुदरा दुकानदारों को बिक्री की समस्या है। बिक्री इसी तरह रही तो काफी पटाखे बच सकते हैं और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने की अपील पटाखे खरीदने पहुंचे डॉ. बीरेंद्र कुमार ने भी इस बार बाजार को पिछले साल की तुलना में फीका बताया। उन्होंने लोगों से पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों और बड़ों, सभी को सावधानी से पटाखे जलाने चाहिए। अभिभावक बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें और अपनी निगरानी में ही उन्हें पटाखे छुड़वाएं। डॉ. बीरेंद्र कुमार ने आंखों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि पटाखे जलाते समय चिंगारी या बारूद आंखों में जाने का खतरा रहता है। यदि आंख में पटाखे की चिंगारी या कोई कण चला जाए तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। दुकानदारों को अंतिम समय में बिक्री बढ़ने की उम्मीद आंखों में हल्की जलन या धुएं से परेशानी होने पर साफ ठंडे पानी से आंखों को धोएं और समस्या बनी रहने पर डॉक्टर को दिखाएं। इधर, कुल मिलाकर इस बार झंडा मैदान का पटाखा बाजार ग्राहकों की राह देख रहा है और दुकानदारों को दीपावली के अंतिम समय में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
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