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जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। सीआईडी की चार्जशीट के मुताबिक छह अभ्यर्थी परीक्षा हॉल में निष्क्रिय बैठे रहे। महज 25-30 सवाल हल किए। लेकिन मूल ओएमआर शीट की जांच में 90 से 100 तक सही उत्तर मिले। जांच में पता चला कि परीक्षा समाप्त होने के बाद संगठित सिंडिकेट ने सुनियोजित साजिश के तहत खाली गोलों को भरा था। मामले के मुख्य अभियुक्त बुद्धेश्वर भगत के लैपटॉप से जब्त अभ्यर्थियों की सूची, परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज और आयोग की मूल ओएमआर शीट के फॉरेंसिक मिलान ने फर्जीवाड़े की कलई खोल दी। चार्जशीट में दर्ज साक्ष्यों के अनुसार अभ्यर्थियों की परीक्षा हॉल की गतिविधियों और उनकी ओएमआर शीट के बीच जमीन-आसमान का अंतर मिला। इस मामले में उमाकांत उरांव, रौशन केरकेट्टा और मनोज कुमार को पांच अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। वहीं दो सगे भाई दिलीप कुमार राणा और ओमप्रकाश राणा को तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। जानिए…किसके ओएमआर में कितने जवाब
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