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रथ के आकार का है रांची का ये मंदिर, 27 खिड़कियां, 7...


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Ranchi Famous Surya Mandir: रांची के पास सूर्य मंदिर है जो यहां की लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. इस मंदिर की खासियत यह है कि ये रथ के आकार में बना है. इसमें 27 खिड़कियां, सात घोड़े और 18 रथ के पहिए हैं और हर एक का अपना महत्व है. लोग इसे चमत्कारी मानते हैं.

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रांची. रांची से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर सूर्य मंदिर स्थित है और इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां पर खिड़की से लेकर दरवाजे तक हर एक चीज बड़ा सोच-समझकर बनाई गई है. यहां पर खिड़कियां भी 27 बनाई गई हैं, जो 27 नक्षत्र को दर्शाती हैं. सात घोड़े बने हैं, जो सात इंद्रियों को दर्शाते हैं. तीन गुंबद बनाए गए हैं, जो ब्रह्मा, विष्णु, महेश का प्रतीक बताए जाते हैं.

पुजारी शंकर बताते हैं, यहां का जो इंफ्रास्ट्रक्चर है, उसकी हर एक चीज का अपना कारण है, जो पूरे ब्रह्मांड की ऊर्जा को बताती है. इसके अलावा आपको बाहर 18 रथ के पहिए भी देखने को मिलेंगे. यह पहिए 18 पुराणों को दर्शाते हैं. तो हर चीज यहां पर गिनकर बनाई गई है. यह मंदिर 1974 में बनकर तैयार हुआ था.

अपने सातों इंद्रियों को काबू करना है
पुजारी शंकर बताते हैं बाहर जो सात घोड़े हैं, वह हमारी सातों इंद्रियां हैं और बीच में प्रभु बैठकर सातों घोड़ों की लगाम अपने हाथ में लिए हुए हैं. ऐसे में लोग आते ही और दूर से देखते ही यह समझ जाते हैं कि यहां सात इंद्रियों की बात हो रही है और सातों को हमें अपने वश में करना है. यहां पर सूर्य भगवान की रोशनी सीधे भगवान की मूर्ति पर पड़ती है.

जब पूरा का पूरा मंदिर अपने आप में है एक रथ
जब आप मंदिर में चले जाते हैं तो पता नहीं चलता पर दूर से देखेंगे तब आपको पता चलेगा कि दरअसल आप मंदिर नहीं बल्कि एक रथ के अंदर जा रहे हैं. जी हां, यह मंदिर पूरा का पूरा एक रथ के आकार में बना हुआ है. आप रथ के अंदर जाते हैं और भगवान की आराधना करते हैं. इस रथ के पहिए से लेकर आगे की तरफ घोड़े, सब कुछ देखने को मिलेगा. यही अनोखे इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते लोग यहां पर दौड़े चले आते हैं.

भगवान राम ने की थी उपासना, कुष्ठ जैसे रोग होते हैं ठीक
पुजारी शंकर बताते हैं, यहां पर भगवान राम ने सूर्य भगवान की उपासना की थी. इसलिए यहीं पर इस मंदिर का निर्माण हुआ. यहां पर अक्सर ऐसे लोग आते हैं, जिनको कोई चर्म रोग होता है या शरीर किसी बीमारी से ग्रसित होते हैं. हमने अपनी आंखों से कुष्ठ जैसे रोग ठीक होते हुए देखे हैं और खास तौर पर संतान सुख की प्राप्ति के लिए भी लोग आते हैं. मुझे खुद पुत्र नहीं थे, इनकी प्रार्थना करने से आज दो पुत्र हैं.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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