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किसानों के मुताबिक, आम के बाग की शुरुआती चार साल तक विशेष देखभाल की जाती है. इसके बाद पेड़ फल देने लगते हैं और कम मेहनत में अच्छी आमदनी होने लगती है. पिछले साल प्रति पेड़ लगभग 400 रुपये की आमदनी हुई, जिससे करीब 6 लाख रुपये का मुनाफा हुआ.
गुमला: गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में आम की मांग तेजी से बढ़ जाती है. आम को ‘फलों का राजा’ कहा जाता है और यह सिर्फ गर्मियों में ही विभिन्न किस्मों में उपलब्ध होता है. लाल, पीले और रसीले आम न केवल देखने में आकर्षक होते हैं, बल्कि स्वाद में भी बेहद मीठे और लाजवाब होते हैं. साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है. ऐसे में आम की बागवानी किसानों के लिए कमाई का बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है.
पालकोट के किसानों की पहल बनी मिसाल
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड के पिंजराडीपा गांव के करीब 10 किसानों ने मिलकर 25 एकड़ जमीन में आम की बागवानी कर सफलता की नई कहानी लिखी है. किसान संदीप साहू ने बताया कि वे पारंपरिक रूप से खेती करते आ रहे हैं, लेकिन वर्ष 2015 में उन्होंने ‘प्रदान’ संस्था के सहयोग से आम की खेती शुरू की. संस्था की देखरेख में पौधरोपण से लेकर देखभाल तक की पूरी जानकारी दी गई, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन मिला.
कम समय में लाखों की कमाई
किसानों के मुताबिक, आम के बाग की शुरुआती चार साल तक विशेष देखभाल की जाती है. इसके बाद पेड़ फल देने लगते हैं और कम मेहनत में अच्छी आमदनी होने लगती है. पिछले साल प्रति पेड़ लगभग 400 रुपये की आमदनी हुई, जिससे करीब 6 लाख रुपये का मुनाफा हुआ. वहीं इस साल पूरे बाग की फसल 7 लाख रुपये में बिक चुकी है. बाग में मालदा, आम्रपाली, मलिका और लंगड़ा जैसी लोकप्रिय किस्में लगाई गई हैं.
सही तकनीक से करें बागवानी
किसान संदीप साहू बताते हैं कि आम की बागवानी के लिए 3 फीट लंबा, चौड़ा और गहरा गड्ढा खोदना चाहिए. पौधों के बीच 15 से 20 फीट की दूरी रखना जरूरी है, ताकि बीच की जमीन में अन्य फसलें भी उगाई जा सकें. गड्ढे में पहले एक फीट मिट्टी डालें, फिर खाद मिश्रित मिट्टी भरें और पौधे को लगभग 6 इंच अंदर रोपें. शुरुआती चार वर्षों तक पेड़ में आने वाले मंजर और फूल को हटा देना चाहिए, ताकि पेड़ मजबूत बने और भविष्य में बेहतर फल दे.
एक बार की मेहनत, लंबे समय तक मुनाफा
किसानों का कहना है कि आम की बागवानी एक ऐसा निवेश है, जिसमें शुरुआती मेहनत के बाद लंबे समय तक लगातार आय होती है. सही तकनीक और देखभाल से किसान कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें