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बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा के बाद देवघर का पारंपरिक स्वाद श्रद्धालुओं का मन मोह रहा है. यहां के सात्विक व्यंजनों में दही-चूड़ा, घुघनी-मुड़ी और रबड़ी काफी लोकप्रिय हैं. इसके अलावा ठंडा दही, रसीले रसगुल्ले और गाजर का हलवा यात्रा को खास बनाते हैं. ये लजीज व्यंजन हर भक्त की पहली पसंद हैं.
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है. इस ज्योतिर्लिंग को “मनोकामना लिंग” भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा पूरी होती है.यही कारण है कि सालभर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं.
बाबा बैद्यनाथ धाम की एक खास बात यह भी है कि यहां ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ शक्तिपीठ भी स्थित है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. यहां आने वाले भक्त स्पर्श पूजन करते हैं, जो अन्य ज्योतिर्लिंगों में कम देखने को मिलता है.पूजा के दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे विधि-विधान से भगवान की आराधना करते हैं.
पूजा-अर्चना के बाद अक्सर भक्तों को काफी तेज भूख लगती है. ऐसे में जो लोग बाहर से आते हैं वे अक्सर सोच में पड़ जाते हैं कि यहां क्या खाया जाए. लेकिन देवघर की गलियों में कई ऐसे शुद्ध शाकाहारी और स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं, जो न सिर्फ पेट भरते हैं बल्कि स्वाद का भी बेहतरीन अनुभव देते हैं.
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सबसे पहले अगर आप हल्का और ठंडक देने वाला नाश्ता करना चाहते हैं, तो “दही-चूड़ा और शक्कर” जरूर ट्राई करें.यह देवघर का बेहद लोकप्रिय सुबह का भोजन है, जिसे कई लोग पोहा जैसा भी मानते हैं.यह खाने में हल्का होता है और शरीर को ठंडक भी देता है.मंदिर गली के आसपास यह आसानी से मिल जाता है.इस व्यंजन की कीमत 25 से 40 रूपए तक ही है.
अगर आपको थोड़ा चटपटा और मसालेदार स्वाद पसंद है, तो “घुघनी-मुड़ी” या “मिलोनी” आपके लिए बेहतरीन विकल्प है. इसमें चना, मुड़ी (लाई) और कई तरह के पकौड़े मिलाकर पत्ते के दोने में परोसा जाता है. साथ में मिलने वाली बचका पकोरी इसका स्वाद और भी बढ़ा देती है.यह स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है.इस व्यंजन की कीमत 30 रूपए से शुरु होती है. यह आपको मंदिर से बाहर निकलने के बाद आस पास गलियों मे मिल जाएगा.
इसके अलावा देवघर की गलियों में मिलने वाली “कचौरी-सब्जी और जलेबी” का स्वाद भी बेहद लाजवाब होता है.पूजा के बाद गर्म-गर्म कचौरी और मसालेदार सब्जी के साथ मीठी जलेबी का आनंद लेना एक अलग ही अनुभव देता है.यह भोजन मंदिर के बाहर कई दुकानों पर आसानी से मिल जाता है.इसकी कीमत 30 रूपए है.
अगर आप मिठाइयों के शौकीन हैं, तो देवघर का रसगुल्ला और उसमे केसर का दही जरूर चखें यहां का रसगुल्ला नरम, रस से भरा और शुद्ध दूध से तैयार किया जाता है, जिसका स्वाद काफी अलग और खास होता है और उसमे डाला जाता है केसर का दही जो इसके स्वाद को दोगुणा कर देता है.पूजा के बाद मीठा खाने की इच्छा हो तो यह एक परफेक्ट विकल्प है, जो थकान को दूर कर देता है और मन को मिठास से भर देता है.
वहीं, अगर आप कुछ गरम और पारंपरिक मिठाई का स्वाद लेना चाहते हैं, तो देवघर का रबड़ी और गाजर का हलवा एक शानदार विकल्प है.ताज़ी गाजर, दूध और घी से बना यह हलवा बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है. खासकर ठंड के मौसम में इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है, लेकिन देवघर में यह सालभर मिलता है और श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है. देवघर का रबरी पुरे देश मे प्रचलित है.इसकी कीमत 60 रूपए है.
अगर आप पराठा खाने के शौक़ीन है तो देवघर की फेमस पराठा गली आपके लिए है. यह मंदिर से मात्र 300 मीटर की दुरी पर स्थित है. यहां तरह तरह के पराठा फिर चाहे वो सत्तू हो आलू, पनीर, इत्यादि के पराठा का स्वाद का लुफ्त उठा सकते है.