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रांची प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10,000 करोड़ रुपए के ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। दावा किया कि सरकार का रवैया मदर ऑफ स्कैम को दबाने की कोशिश वाला है। प्रतुल ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि कहा कि एक माह बीत जाने के बाद भी एसपी, डीएसपी, डीडीओ और ट्रेजरी अफसर अभी भी अपने पदों पर यथावत बने हुए हैं। असली जांच तो इन्हीं का होना है। लेकिन, वित्त विभाग ने केवल क्लर्क और किरानियों के तबादले का आदेश दे दिया। उन्होंने एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी जांच टीम की कमान वर्तमान दो सीआईडी आईजी को छोड़कर मानवाधिकार आईजी को दे दी गई है। एसआईटी ने पहले वर्ष 2020 से रिकॉर्ड मांगा, जिस पर एजी की आपत्ति के बाद 2011 से रिकॉर्ड मांगा गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रेजरी घोटाला के कालखंड के दौरान बोकारो में एसपी और हजारीबाग में डीएसपी पद पर रहे पुलिस अधिकारियों को एसआईटी में शामिल किया गया है।प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक भी थे। भाजपा ने सरकार से पूछा है कि बोकारो स्ट्रांग रूम में जमा 12 से 14 किलो सोना सुरक्षित है। प्रतुल ने आरोप लगाया कि इस पूरे घोटाले का किंगपिन अकाउंटेंट कौशल पांडे का वर्ष 2018 में तबादला हुआ था और उस समय की अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया था। प्रिंसिपल एजी की 2 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रतुल ने आरोप लगाया कि 58% महंगाई भत्ता (डीए) को कई गुना बढ़ाकर फर्जीवाड़ा किया गया। इसी रिपोर्ट में 2023 और 2026 के बीच 2175 कर्मियों की जन्मतिथि और 5037 कर्मियों की ज्वॉइनिंग डेट बदली गई। साथ ही 2890 पैन नंबरों के साथ फेरबदल किया गया। प्रतुल ने कहा कि यदि सरकार ने अविलंब ईडी और सीबीआई से जांच कराने के आदेश नहीं दिए, तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के आरोपों को भ्रामक करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस कथित घोटाले की भाजपा बात कर रही है, उसकी परतें वर्तमान सरकार खुद खोल रही है। राज्य सरकार ने स्वत: संज्ञान से एसआईटी गठित की है, ताकि जांच निष्पक्ष रहे। कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि जांच टीम में अनुभवी अधिकारियों को रखा गया है और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना जांच को प्रभावित करने की साजिश जैसा है। उन्होंने प्रशासनिक तबादलों को सामान्य प्रक्रिया बताया। कहा कि क्लर्क और किरानी जमीनी स्तर पर डेटा एंट्री और रिकॉर्ड्स का रख-रखाव करते हैं, इसलिए जांच को पारदर्शी बनाने के लिए प्रारंभिक कदम उठाए गए हैं। किशोर शाहदेव ने कहा कि चाहे अधिकारी कितने भी बड़े हों, दोषी पाए जाने पर सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा जिस 2011 से 2019 के कालखंड की बात कर रही है, उसमें से अधिकांश समय झारखंड में भाजपा की ही सरकार थी। हमारी सरकार उस समय हुई विसंगतियों को सुधार रही है। सोना की हेरा-फेरी जैसे आरोप जुमला… बोकारो स्ट्रांग रूम के सोना पर प्रतुल शाहदेव के बयान को हास्यास्पद बताते हुए लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि सरकारी संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित है। भाजपा के पास जब कोई मुद्दा नहीं बचता, तो वे काल्पनिक सोने की हेरा-फेरी जैसे जुमले उछालने लगते हैं। सरकार हर एक संपत्ति के भौतिक सत्यापन के लिए प्रतिबद्ध है।
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