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Birsa Agriculture University Machine: झारखंड की बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा खासतौर पर एक मशीन तैयार की गई है. इसकी खासियत यह है कि यह मकई के दाने को अलग तो करेगा ही. इसके अलावा यह पॉपकॉर्न भी बना कर देगा. ये कोयला से चलता है और मात्र 5 से 10 मिनट में 3 केजी तक पॉपकॉर्न निकाल देगा. यानी अगर आप इसका भी बिजनेस करना चाहते हैं, तो यह मशीन बढ़िया विकल्प है. आइये जानते हैं इसके बारे में.
बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक निशांत बताते हैं कि हम स्टूडेंट ने मिलकर इस यंत्र को तैयार किया है. खास तौर पर मकई की खेती रांची के आसपास के जिलों में काफी अधिक होती है. खूंटी, औरमांझी, नगरी यहां पर लोग 5-6 एकड़ में एक-एक व्यक्ति इसकी खेती कर रहे हैं.
ऐसे में उनका खासतौर पर दाने निकालना और पॉपकॉर्न के बिजनेस से जोड़ने के लिए यह मशीन तैयार की गई है. इस मशीन की सबसे खास बात यह है कि इसमें एक तरफ एक खुली जगह है. जहां पर आप या तो लकड़ी डाल सकते हैं या कोयल डाल सकते हैं.
आप दोनों में से कुछ भी एक चीज डाल सकते हैं और दोनों को जला देना है. यह मशीन पूरी तरह मजबूत लोहे की है. इसे कुछ नहीं होने वाला है. इसके बाद यहां पर एक हैंडल है, जिसको आपको अपने हाथों से चलाना है. इससे दाने भी अलग हो जाएंगे और यह सीधा पॉपकॉर्न बनकर निकलेगा.
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ऐसे में आपका काम इससे काफी आधा हो जाएगा. निशांत बताते हैं कि वैसे किसान जो पॉपकॉर्न का भी बिजनेस करने की सोच रहे हैं या अपने गांव में एक छोटा व्यापार या आसपास की दुकान मे भी पॉपकॉर्न बनाकर और पैकेजिंग करके बेचने का काम कर सकते हैं. 5 से 10 मिनट में यह 3 केजी तक पॉपकॉर्न निकाल देगा.
अगर आप भी इस यंत्र को लेना चाहते हैं तो आ सकते हैं रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि यंत्र विभाग में. इस मशीन की कीमत लगभग 20 से 25000 रुपए के बीच में है. हालांकि यहां पर आपको कुछ डिस्काउंट भी मिल सकता है. इस यंत्र के अलावा यहां पर और भी कृषि यंत्र है, जिसकी जानकारी आप ले सकते हैं.