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गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत इसरी बाजार में बेकाबू ट्रक ने तबाही मचा दी। ट्रक ने सात गाड़ियों को रौंद डाला। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डुमरी की ओर से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। बाजार क्षेत्र में घुसते ही सड़क पर चल रहे कई वाहनों को एक के बाद एक टक्कर मार दी। हादसे के बाद पूरे बाजार में चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। हादसे के बाद की तस्वीरें देखें… मृतकों में चालक और बाजार आए लोग शामिल प्रशासन ने इस हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में घुटवाली निवासी चालक संतोष महतो, राजधनवार निवासी रंजीत कुमार, कुलगो नवाटांड़ निवासी मो. इरशाद अंसारी, बरवाडीह निवासी टहल साव और गिरिडीह ऑफिसर कॉलोनी निवासी सुजीत ठाकुर शामिल हैं। बताया गया कि मो. इरशाद अंसारी सिलाई मशीन बनवाने बाजार आए थे। खरीदारी के दौरान हादसे की चपेट में आ गए। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया है। वहीं संतोष महतो अपनी पिकअप वाहन में शादी का सामान लेकर बाजार पहुंचे थे, इसी दौरान ट्रक ने उनकी गाड़ी को भी कुचल दिया। मलबे में लोगों के दबे रहने की आशंका हादसे की गंभीरता को देखते हुए देर रात जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। ट्रक एक दीवार से टकराकर रुका था, जिससे आशंका जताई गई कि उसके नीचे लोग दबे हो सकते हैं। प्रशासन की निगरानी में दो क्रेन और दो जेसीबी मशीनों की मदद से देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सुबह करीब तीन बजे ट्रक को हटाया गया, जिसके नीचे एक बाइक दबी मिली, हालांकि कोई व्यक्ति नहीं मिला। एसपी रात करीब दो बजे तक मौके पर डटे रहे। पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे। भारी वाहनों पर रोक की उठी मांग पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक (संख्या JH 02 BL 1853) के चालक को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। हादसे के कारणों की जांच के लिए डीसी ने जिला परिवहन पदाधिकारी को तकनीकी जांच का निर्देश दिया है। वहीं स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि इसरी बाजार हमेशा भीड़भाड़ वाला इलाका रहता है, इसके बावजूद भारी वाहनों के प्रवेश पर कोई सख्त नियंत्रण नहीं है। उन्होंने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में रात 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
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