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4 डीएसपी, 4 इंस्पेक्टर और 12 दारोगा समेत 80 पुलिसकर्मी ऑपरेशन में होंगे शामिल कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के खात्मे की तैयारी झारखंड आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने शुरू कर दी है। इसके लिए एटीएस ने 4 डीएसपी, 4 इंस्पेक्टर और 12 दारोगा समेत 80 पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम बनाई है। टीम प्रिंस खान गिरोह से जुड़कर राज्य के व्यवसायियों से रंगदारी मांगने, पैसा नहीं देने पर फायरिंग करने और सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर खौफ फैलाने वालों की सूची तैयार कर रही है। एटीएस की टीम को अलग-अलग 4 जोन में बांटा गया है। सभी जोन में एक डीएसपी, एक इंस्पेक्टर और 3 दारोगा रैंक के पदाधिकारी शामिल किए गए हैं। एटीएस एसपी राजकुमार मेहता टीम की मॉनिटरिंग करेंगे। टीम में शामिल पदाधिकारियों से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई होगी। धनबाद और रांची के अलावा बोकारो व पलामू में भी प्रिंस खान गिरोह के गुर्गे खुद को स्थापित करने की कोशिश में लगे हैं। सुजीत सिन्हा गैंग से शूटर सप्लाई का एग्रीमेंट पाकिस्तान के बहावलपुर में बैठा प्रिंस खान रंगदारी वसूली के लिए कॉरपोरेट मॉडल पर काम कर रहा है। वह गिरोह के सदस्यों को सैलरी के साथ कमीशन का लालच देकर अपराध के लिए तैयार करता है। करीब 9 महीने पहले प्रिंस खान ने जेल में बंद सुजीत सिन्हा से पैसे के बदले शूटर सप्लाई करने का एग्रीमेंट किया था। कारोबारियों में खौफ बनाने के लिए जब भी प्रिंस खान को फायरिंग करानी होती थी, सुजीत सिन्हा गैंग के शूटर उपलब्ध करा दिए जाते थे। हाल के दिनों में प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह के शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में इसका खुलासा हुआ है। गैंग की युवतियां शूटरों तक पहुंचाती हैं हथियार जांच में पुष्टि हो चुकी है कि प्रिंस खान गिरोह में युवतियां भी शामिल हैं। शूटरों तक हथियार पहुंचाने युवतियों की मदद ली जाती है। रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट कर्मी को गोली मारने के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार भी गिरोह से जुड़ी एक युवती ने मोरहाबादी में शूटर को उपलब्ध कराया था। इसी हथियार से धनबाद में एक ड्राइवर को भी गोली मारी गई थी। गिरोह के सदस्य होटल और फ्लैट लेने में भी युवतियों की मदद लेते थे। एटीएस की टीम युवतियों के नाम शॉर्टलिस्ट कर रही है। रंगदारी वसूलने वाले 8 चिह्नित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जावेद खान, राणा राहुल सिंह, बंटी खान, गोपी खान, ऋतिक खान, आदिल, बासित अंसारी व पठान रंगदारी वसूल रहे हैं।
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