भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

136 करोड़ का हुआ सेटलमेंट:47,397 लंबित तथा 8,32,365 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण




रांची| झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सह झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लंबित वादों के निस्तारण में अधिवक्ताओं, मध्यस्थों और पीएलवी की भूमिका बेहद अहम है। लोक अदालत आम लोगों को सुलभ, त्वरित और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। मौके पर न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, एसएसपी राकेश रंजन, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, मध्यस्थ एवं पीएलवी मौजूद रहे। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विधिक जागरूकता जरूरी है। उन्होंने अधिवक्ताओं से लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने की अपील की, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण हो सके। उन्होंने पारिवारिक वादों में डिस्ट्रेस वारंट की लंबित संख्या कम करने पर भी जोर दिया। इस दौरान व्यवहार न्यायालय परिसर में दीदी कैफे, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा, वलनेरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर, प्रोटेक्टेड विटनेस रूम तथा क्यूआर कोड जेनरेटेड एप्लिकेशन सिस्टम का उद्घाटन किया गया। वहीं डायन-बिसाही थीम पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 47,397 लंबित तथा 8,32,365 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण करते हुए 1,36,99,52,446.21 रुपए का सेटलमेंट किया गया। साथ ही 36 वाहन दुर्घटना पीड़ितों के बीच 20,06,40,672 रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई। झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 24 पीड़ितों को 82,80,000 रुपये के चेक प्रदान किए गए।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top