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खेत की मिट्टी के अनुसार चुनें फसल, हर सीजन में होगी बंपर...


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आपकी जमीन में कौन सी फसल देगी बंपर पैदावार? एक्सपर्ट से जानिए सफल खेती के राज 

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बोकारो की कृषि एक्सपर्ट सविता जोजो के अनुसार मिट्टी की सही पहचान कर फसल चुनने से किसान बंपर मुनाफा कमा सकते हैं. काली मिट्टी कपास और दलहन के लिए, जबकि दोमट मिट्टी सभी फसलों के लिए उपजाऊ है. बलुआ दोमट में कंद वाली फसलें और लाल मिट्टी में मूंगफली बेहतर होती है.

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बोकारोः अक्सर किसान भाई महंगे बीज, खाद और कड़ी मेहनत के बावजूद फसल का सही उत्पादन नहीं मिलने से निराश हो जाते हैं. इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बोकारो कृषि विभाग आत्मा की उप परियोजना निदेशक सविता जोजो ने किसानों को मिट्टी के अनुसार खेती करने की सलाह दी है. उनका कहना है कि यदि किसान अपनी जमीन की मिट्टी की पहचान कर उसी के अनुसार फसल का चयन करें, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा हासिल किया जा सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
कृषि एक्सपर्ट  सविता जोजो ने बताया कि बोकारो जिले में मुख्य रूप से चार से पांच प्रकार की मिट्टियां पाई जाती हैं. हर मिट्टी की अपनी विशेषता होती है ,जिसमें सबसे पहले है काली मिट्टी जो लंबे समय तक नमी बनाए रखने में सक्षम होती है. लेकिन पानी की कमी होने पर इसमें दरारें पड़ जाती हैं. इस मिट्टी में कपास की खेती अच्छी मानी जाती है. इसके अलावा दलहन और तिलहन फसलें जैसे चना, सरसों, सोयाबीन, मसूर और मक्का की खेती भी बेहतर होती है. वहीं फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी सब्जियों का उत्पादन भी इस मिट्टी में अच्छा मिलता है.

दोमट मिट्टी सबसे उपजाऊ
वहीं, दूसरा है दोमट मिट्टी जो सबसे उपजाऊ मानी जाती है. इस मिट्टी में फल, फूल, सब्जियां और लगभग सभी प्रकार की फसलों का बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है. किसानों के लिए यह मिट्टी सबसे लाभकारी मानी जाती है.

इसके अलावा जलोढ़ मिट्टी भी किसानों के लिए लाभकारी मानी जाती है क्योंकि यह मुलायम और भुरभुरी होती है. यह मिट्टी आमतौर पर नदी के किनारे देखने को मिलता है. इस मिट्टी में आलू, गेहूं, धान, मक्का, गन्ना और सरसों जैसी फसलों की खेती काफी अच्छी होती है.

बालू दोमट मिट्टी की खासियत
वहीं, बालू दोमट मिट्टी में जिसमें बालू की मात्रा 60 प्रतिशत से बहुत अधिक होती है. इस मिट्टी में गाजर, चुकंदर, शलगम, गेहूं, बाजरा, खजूर, आंवला और तरबूज जैसी फसलों की खेती बेहतर मानी जाती है.

आखिर में है लाल मिट्टी, जिसमें बहुत कम किसान खेती करते हैं. क्योंकि इसमे छोटे-छोटे पत्थर पाए जाते हैं यह मिट्टी मूंगफली की खेती के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है.

उन्होंने  सलाह दी है कि सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच जरूर कराएं और मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों के अनुसार फसल का चयन करें. तभी उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को अधिक फायदा मिलता है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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