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गाड़ियों में लग जाती ब्रेक… बीकानेर की मिठास में नया ट्विस्ट! आमरस...


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Bikaner Sweet News: बीकानेर की पारंपरिक मिठाइयों में अब नया स्वाद जुड़ गया है. यहां आमरस से तैयार की जा रही खास कतली लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. गर्मियों के मौसम में मैंगो फ्लेवर वाली इस मिठाई की मांग राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर में बढ़ रही है. मिठाई कारोबारियों के अनुसार आमरस कतली का स्वाद पारंपरिक कतली से अलग और बेहद खास है, जिसके कारण लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. यह मिठाई बीकानेर की फूड संस्कृति को नया स्वाद और नई पहचान दे रही है.

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बीकानेर. मिठाइयों के लिए मशहूर बीकानेर में हलवाई लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं. काजू कतली, बादाम कतली और मिल्क स्वीट्स के बीच अब बाजार में एक नई वैरायटी लोगों को खूब पसंद आ रही है. आमरस से बनी आम कतली. गर्मियों के सीजन में तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद के साथ-साथ अपनी खास बनावट और लंबे समय तक खराब नहीं होने की वजह से चर्चा में है.

गर्मियों के मौसम में तैयार होने वाली यह स्पेशल मिठाई स्वाद, क्वालिटी और लंबे समय तक खराब नहीं होने की वजह से लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है.

डिमांड बीकानेर के साथ-साथ दूसरे शहरों में भी तेजी से
आमतौर पर लोग काजू कतली, बादाम कतली या मिल्क बेस्ड स्वीट्स खाते हैं, लेकिन बीकानेर के हलवाइयों ने आम के रस से ऐसी कतली तैयार की है जो स्वाद में अलग होने के साथ काफी हल्की और स्पंजी भी होती है. खास बात यह है कि इसमें दूध और मावे का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहती है. यही वजह है कि इसकी डिमांड बीकानेर के साथ-साथ दूसरे शहरों में भी तेजी से बढ़ रही है.

आम की तीन अलग-अलग लेयर बनाई जाती
मिष्ठान व्यवसायी रूपेश अग्रवाल ने बताया कि यह आमरस की कतली पूरी तरह घर में तैयार की जाती है. करीब 10 किलो आमरस से इसकी एक खेप तैयार होती है. इसमें आम की तीन अलग-अलग लेयर बनाई जाती हैं, जिससे इसका स्वाद और लुक दोनों आकर्षक बनते हैं. उन्होंने बताया कि इस मिठाई को बनाने का आइडिया ग्राहकों की मांग के बाद आया था और अब यह उनकी दुकान की खास पहचान बन चुकी है.

मुंबई जैसे शहरों में भी सप्लाई किया जाता
उन्होंने बताया कि आमरस और चीनी को कढ़ाई में धीमी आंच पर कई घंटों तक पकाया जाता है. करीब 5 से 6 घंटे की मेहनत के बाद यह कतली तैयार होती है. इसमें किसी तरह के प्रिजर्वेटिव का उपयोग नहीं किया जाता, फिर भी यह दो महीने तक खराब नहीं होती. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है. रूपेश अग्रवाल ने बताया कि यह कतली सिर्फ गर्मियों के लगभग तीन महीने ही बाजार में उपलब्ध रहती है. इस दौरान इसकी भारी मांग रहती है और बड़ी मात्रा में इसे कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों में भी सप्लाई किया जाता है. बीकानेर आने वाले पर्यटक भी इस नई वैरायटी को खास तौर पर खरीदकर ले जा रहे हैं.

नई वैरायटी अब लोगों के दिलों में खास जगह बना रही
कीमत की बात करें तो जहां काजू और बादाम की कतली 700 से 800 रुपए किलो तक बिकती है, वहीं आमरस की यह स्पेशल कतली 480 रुपए किलो में मिल रही है. स्वाद और कीमत के संतुलन के कारण यह आम लोगों की पहुंच में भी है. मिष्ठान कारोबारियों का कहना है कि आमरस से बनी यह कतली सिर्फ स्वाद ही नहीं देती, बल्कि गर्मियों में शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करती है. बीकानेर की पारंपरिक मिठाइयों के बीच यह नई वैरायटी अब लोगों के दिलों में खास जगह बना रही है.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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