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मंत्री राधा कृष्ण किशोर कांग्रेस से क्यों नाराज हैं? पार्टी से दूरी...


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Minister Radha Krishan Kishore Congress dispute: झारखंड में कांग्रेस कोटे से मंत्री और राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर अपनी ही पार्टी और संगठन से बेहद नाराज चल रहे हैं. उनकी नाराजगी की चार बड़ी वजहें अब साफ तौर पर सामने आ गई हैं.

मंत्री राधा कृष्ण किशोर कांग्रेस से क्यों नाराज हैं? पार्टी से दूरी के 4 कारण Zoom

मंत्री राधा कृष्ण किशोर की नाराजगी के कारण क्या हैं?

रांची. झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्री राधा कृष्ण किशोर की नाराजगी इस कदर बढ़ गई है कि उन्होंने अपने प्रदेश प्रभारी से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को हटाने की मांग तक कर डाली है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश प्रभारी को दो चिट्ठियां लिखकर प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की बात कही है. लगातार हो रही अनदेखी से वह संगठन और प्रदेश नेतृत्व से खफा बताए जा रहे हैं.

पलामू जिला कमेटी में सुझावों की अनदेखी

दरअसल राधा कृष्ण किशोर पलामू जिले से आते हैं. उनकी पहली नाराजगी भी इसी जिले से जुड़ी मानी जा रही है. पलामू जिला कमेटी की घोषणा के समय मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 4 लोगों को प्रखंड अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव रखा था. प्रस्ताव प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा तो वहां से सिर्फ 2 लोगों को ही प्रखंड अध्यक्ष पद से हटाया गया, जबकि 2 को नहीं हटाया गया. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक इसी से उनकी नाराजगी की शुरुआत हुई.

बेटे को जिला अध्यक्ष न बनाए जाने से असंतोष

पार्टी सूत्रों के अनुसार राधा कृष्ण किशोर पलामू में अपने बेटे प्रशांत किशोर को जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते थे. जिस समय जिला अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए ऑब्जर्वर पलामू पहुंचे थे, उस दौरान प्रशांत किशोर ने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई और खूब मेहनत की. लेकिन अंत में पार्टी ने उनके बेटे को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया और जनवरी महीने में बिमला कुमारी को जिला अध्यक्ष घोषित कर दिया. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि बिमला कुमारी और मंत्री राधा कृष्ण किशोर के बीच 36 का आंकड़ा चल रहा है और दोनों एक-दूसरे के कार्यक्रमों को नजरअंदाज कर रहे हैं.

मनचाहा पद न मिलने से बढ़ा विवाद

राधा कृष्ण किशोर की नाराजगी की तीसरी वजह भी उनके बेटे से ही जुड़ी बताई जाती है. मंत्री अपने बेटे प्रशांत किशोर को अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनवाना चाहते थे. लेकिन पार्टी ने वहां भी उनकी बात नहीं मानी और यह पद प्रशांत किशोर को नहीं दिया गया. अंतिम नाराजगी तब हुई जब कांग्रेस ने अपनी जंबो कमेटी की घोषणा की. इस कमेटी में राधा कृष्ण किशोर चाहते थे कि उनके बेटे प्रशांत किशोर को महासचिव बनाया जाए, लेकिन पार्टी ने उन्हें सिर्फ सचिव का पद दिया. इसके बाद प्रशांत किशोर ने इस पद से भी इस्तीफा दे दिया. इसके बाद से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर लगातार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं.

मसले के समाधान के लिए सक्रिय हुआ हाईकमान

इधर इन तमाम घटनाक्रमों और बढ़ती नाराजगी को देखते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आराजू भी झारखंड का दौरा कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि वह जल्द ही राज्य आकर इस पूरे मसले को सुलझाने का प्रयास करेंगे और संगठन में चल रहे मतभेद को कम करने की कोशिश करेंगे.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें



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