Last Updated:
assam chief minister oath ceremony: असम के मुख्यमंत्री के रूप में हिमंता बिस्वा सरमा आज दूसरी बार शपथ लेंगे. खानपारा मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जैसे वीवीआईपी शामिल हो रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच आकर्षण का केंद्र एक चौथी क्लास की बच्ची भी होगी. आइए जानते हैं कि आखिर इस छोटी सी बच्ची को हिमंता ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में क्यों बनाया खास मेहमान?

शपथ ग्रहण में नन्ही तनीषा को वीवीआईपी न्योता देकर सभी को चौंकाया, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने निभाया अपना वह पुराना वादा.
असम के राजनीतिक इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. डॉ. हिमंता बिस्वा शर्मा लगातार दूसरी बार राज्य की कमान संभालने जा रहे हैं. गुवाहाटी का खानपारा मैदान इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन रहा है. सुरक्षा के कड़े इंतजामों और सत्ता के गलियारों की हलचल के बीच एक ऐसी कहानी चर्चा में है जिसने सबका दिल जीत लिया है. यह कहानी है बोकाखाट के कमरगांव की रहने वाली नन्ही तनिष्ठा दुवारा की. तनिष्ठा महज चौथी कक्षा की छात्रा है, लेकिन आज वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे दिग्गजों के बीच उन खास मेहमानों की लिस्ट में सबसे ऊपर है, जिन्हें मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है.
हिमंता का वादा और नन्ही पेंटर
बात 4 मार्च की है, जब बोकाखाट विधानसभा क्षेत्र के कमरगांव में एक चुनावी जनसभा चल रही थी. भीड़ के बीच तनिष्ठा अपनी एक हाथ से बनाई हुई खूबसूरत पेंटिंग और एक छोटा सा पत्र लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी. उस पत्र में मासूमियत के साथ एक बड़ी इच्छा लिखी थी— “मैं आपके अगले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना चाहती हूं.” उस वक्त शायद किसी ने नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री इसे इतनी गंभीरता से लेंगे. लेकिन हिमंता बिस्वा सरमा ने न सिर्फ वह पेंटिंग स्वीकार की, बल्कि मंच से ही वादा किया कि वे उसे जरूर बुलाएंगे.
मंत्री को मिला विशेष निर्देश
खानपारा में दिग्गजों का जमावड़ा
शपथ ग्रहण समारोह के लिए खानपारा मैदान को दुल्हन की तरह सजाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस समारोह की शोभा बढ़ा रहे हैं. इस दौरान केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि उनके मंत्रिमंडल के प्रमुख साथी भी शपथ ले रहे हैं. गोलाघाट से विधायक अजंता नियोग, बोकाखाट से अतुल बोरा, माजबत से चरण बोरो और दुलियाजान से रामेश्वर तेली मंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.
सियासत में सादगी की मिसाल
अक्सर देखा जाता है कि ऐसे बड़े आयोजनों में केवल रसूखदार लोगों को ही जगह मिलती है, लेकिन मुख्यमंत्री ने एक आम परिवार की बच्ची को बुलाकर यह संदेश दिया है कि उनकी सरकार आम आदमी की सरकार है. तनिष्ठा के पिता और गांव के लोग इस कदम से फूले नहीं समा रहे हैं. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने एक छोटे से पत्र का मान रखकर असम की जनता का दिल जीत लिया है. यह घटना सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही है और लोग मुख्यमंत्री की इस सादगी की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
विकास और विश्वास की नई पारी
आज का यह शपथ ग्रहण समारोह असम के विकास के अगले अध्याय की शुरुआत है. नई सरकार के सामने जहां कई चुनौतियां हैं, वहीं जनता का भारी समर्थन और विश्वास भी है. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम ने पिछले कार्यकाल में शांति और प्रगति की जो राह पकड़ी थी, उसे अब और तेज गति देने की तैयारी है. तनिष्ठा जैसी नन्ही नागरिकों का उत्साह यह बताता है कि नई पीढ़ी को अपनी सरकार और अपने मुखिया पर कितना गहरा भरोसा है.