चेन्नई. तमिलनाडु की राजनीति में अक्सर फिल्मों जैसा रोमांच देखने को मिलता है, लेकिन इस बार जो खबर सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है. तमिल फिल्मो के सुपरस्टार से मुख्यमंत्री बने थलापति विजय ने अपनी सरकार में एक ऐसी नियुक्ति की है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. मुख्यमंत्री विजय ने अपने निजी ज्योतिषी और आध्यात्मिक मार्गदर्शक, थिरु रिक्की राधान पंडित वेट्ट्रीवेल को मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (Officer on Special Duty) के रूप में नियुक्त करने का आदेश दिया है. खास बात यह है कि इस पंडित ने तमिलनाडु के पूर्व दिवंगत सीएम जे जयललिता को लेकर भी बड़ी भविष्यवाणी की थी. इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि विजय न केवल प्रशासनिक सलाहकारों, बल्कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर भी गहरा भरोसा रखते हैं.
कौन हैं थिरु रिक्की राधान पंडित?
थिरु रिक्की राधान पंडित तमिलनाडु के आध्यात्मिक और ज्योतिषीय हलकों में एक बहुत बड़ा नाम हैं. उन्हें राज्य के सबसे प्रभावशाली स्पिरिचुअल मेंटर्स में से एक माना जाता है. राधान पंडित का इतिहास केवल विजय तक सीमित नहीं है. वे तमिलनाडु की राजनीति की ‘अम्मा’ कही जाने वाली पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता के भी बेहद करीबी रहे हैं. जयललिता अपने कठिन समय में अक्सर राधान पंडित से आध्यात्मिक सलाह लिया करती थीं. राजनीति के जानकारों का कहना है कि राधान पंडित का राजनीतिक समझ और ग्रहों की चाल का मेल बैठाने का तरीका उन्हें अन्य ज्योतिषियों से अलग बनाता है.
विजय ने अपनी सरकार में एक ऐसी नियुक्ति की है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है.
जीत की वो भविष्यवाणी जिसने बदल दी किस्मत
थलापति विजय और राधान पंडित का रिश्ता काफी पुराना है. कहा जाता है कि जब विजय ने अभिनय की दुनिया छोड़कर राजनीति में कदम रखने का फैसला किया था, तब कई लोग उनके इस कदम को जोखिम भरा मान रहे थे. उस समय राधान पंडित ही थे जिन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ भविष्यवाणी की थी कि विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनेंगे. उनकी यह भविष्यवाणी सच साबित हुई और आज विजय राज्य की सत्ता के शिखर पर हैं. शायद यही वजह है कि विजय ने कृतज्ञता प्रकट करते हुए और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अपने इस भरोसेमंद सलाहकार को अपने ऑफिस में एक आधिकारिक स्थान दिया है.
OSD के रूप में क्या होगी भूमिका?
मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है. यह अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करता है और नीतिगत फैसलों से लेकर महत्वपूर्ण नियुक्तियों तक में अपनी राय रखता है. राधान पंडित की ओएसडी के रूप में नियुक्ति यह संकेत देती है कि विजय अपनी सरकार के हर बड़े कदम को ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से परखना चाहते हैं. हालांकि, सरकारी तंत्र में एक ज्योतिषी को इतना महत्वपूर्ण पद दिए जाने पर कुछ प्रशासनिक हल्कों में दबी जुबान में आलोचना भी शुरू हो गई है, लेकिन विजय के समर्थकों का मानना है कि यह उनकी अपनी कार्यशैली है.
तमिलनाडु की राजनीति में बदला समीकरण
विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से चले आ रहे द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के वर्चस्व को तगड़ी चुनौती मिली है. ऐसे में विजय अपने साथ उन लोगों को रखना चाहते हैं जो न केवल उनके प्रति वफादार हों, बल्कि उनकी जीत में भी सारथी की भूमिका निभा चुके हों. राधान पंडित की नियुक्ति से यह संदेश गया है कि विजय की सरकार में ‘विश्वास’ को सबसे ऊपर रखा जाएगा.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
राजनीतिज्ञों का कहना है कि विजय अब जयललिता की उस विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां अध्यात्म और राजनीति का गहरा मेल देखने को मिलता था. इस नियुक्ति की खबर जैसे ही वायरल हुई, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. विजय के प्रशंसक इसे एक शानदार कदम बता रहे हैं, उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति आपको सही राह दिखा सकता है, तो उसे साथ रखने में कोई बुराई नहीं है. वहीं, आलोचक इसे ‘अंधविश्वास’ को बढ़ावा देने वाला कदम करार दे रहे हैं. कुछ यूजर्स ने मजाकिया लहजे में लिखा कि अब तमिलनाडु सरकार की फाइलें ‘शुभ मुहूर्त’ देखकर ही आगे बढ़ेंगी. लेकिन इन सबसे बेखबर, विजय अपनी टीम को मजबूत करने में जुटे हैं.
पंडित जयललिता के भी आध्यात्मिक मार्गदर्शक रह चुके हैं.
थलापति विजय ने अपनी राजनीति की शुरुआत से ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वे लीक से हटकर काम करेंगे. पहले 200 यूनिट बिजली फ्री वाला फैसला, फिर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिंगा टास्क फोर्स का गठन और मंगलवार को 717 शराब की दुकानें बंद करने के बाद, अपने ज्योतिषी को ओएसडी बनाना उनका दूसरा सबसे बड़ा चौंकाने वाला फैसला है. यह देखना दिलचस्प होगा कि राधान पंडित का मार्गदर्शन विजय की सरकार को कितनी ऊंचाई तक ले जाता है. फिलहाल, चेन्नई से लेकर दिल्ली तक, राधान पंडित और थलापति विजय की यह ‘जुगलबंदी’ सुर्खियां बटोर रही है.