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झारखंड में कई पेट्रोल पंप पर वाहनों की लगी कतार:कई जगह बिक्री...




खाड़ी देशों में चल रहे तनाव की वजह से झारखंड में पेट्रोल-डीजल की किल्लत दिखने लगी है। जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल का संकट गहरा गया है। बुधवार को शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ईंधन आपूर्ति बाधित होने के कारण कई पेट्रोल पंपों ने अस्थायी रूप से बिक्री बंद कर दी है। कुछ पंपों पर केवल पेट्रोल उपलब्ध है, जबकि अन्य स्थानों पर सिर्फ डीजल मिल रहा है। इस स्थिति के कारण कई पंपों पर भीड़ बढ़ गई। दोपहिया वाहनों को 200 रुपए से ज्यादा का नहीं दे रहे पेट्रोल
हालात को देखते हुए पंप संचालकों ने ईंधन वितरण पर सीमा तय कर दी है। दोपहिया वाहनों को अधिकतम 200 रुपए तक और चारपहिया वाहनों को 2000 रुपए तक ही ईंधन दिया जा रहा है। जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अनुसार, पूरे कोल्हान क्षेत्र में लगभग 300 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से करीब 60 बंद हो चुके हैं। भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कई आउटलेट सर्वाधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। रांची के हरमू मुक्तिधाम के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम और बंदी उरांव रोड स्थित एचपीसीएल का पेट्रोल पंप मंगलवार को ड्राई रहा। वहीं, खूंटी के अनिगड़ा स्थित इंडियन ऑयल टर्मिनल से भी पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति आधी कर दी गई। उधर, जमशेदपुर में भी तीन पंपों पर ताले लटके रहे। टैंकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस टर्मिनल से पहले रोज 400 टैंकरों से आपूर्ति हो रही थी, पर अब 200 टैंकर से ही आपूर्ति हो रही है। यहां से 15 जिलों रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, पलामू, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, चाईबासा, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और लातेहार में आपूर्ति की जाती है। सूत्रों के मुताबिक पारादीप रिफाइनरी से ही कम सप्लाई मिलने के कारण यह स्थिति बनी है। चाईबासा में चारपहिया वाहनों को 500 रुपए तक का ही पेट्रोल
चाईबासा में पेट्रोल संकट का असर बुधवार को भी देखने को मिला। शहर के कई पेट्रोल पंपों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा अब भी सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, दोपहिया वाहनों को 100 रुपए और चारपहिया वाहनों को 500 रुपए तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराया जा सके। वहीं, व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार को भी कई पेट्रोल पंपों में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। इधर, उपभोक्ताओं का कहना है कि सीमित मात्रा में पेट्रोल मिलने और लंबी लाइन के कारण रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग काम के सिलसिले में प्रतिदिन 40 से 50 किलोमीटर तक सफर करते हैं, ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कुछ स्थानों पर आपूर्ति प्रभावित होने के कारण यह स्थिति बनी है और जल्द ही पेट्रोल की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। जिले के अन्य प्रखंडों में फिलहाल पेट्रोल सामान्य रूप से मिल रहा है। जरूरत के हिसाब से ही तेल बेचने का निर्देश: पेट्रोल पंप संचालक
लातेहार में भी पेट्रोल का संकट हो गया है। मुख्यालय के कई पेट्रोल पंप में दो दिन से पेट्रोल नहीं पहुंच पा रहा है। जिन पेट्रोल पंप में तेल मिल रहा है तो दो पहिया में 100 रुपए का और कार वाले को 500 रुपए का पेट्रोल दिया जा रहा है। हालांकि डीजल उपलब्ध हो रही है। महुआडांड़ के एक पेट्रोल पंप में तेल नहीं है का बोर्ड भी लगा दिया गया है। इधर, लातेहार स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के मालिक रघुवीर यादव ने बताया कि ऊपर से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति कम मात्रा में पहुंच रही है। इसी कारण जरूरत के हिसाब से ही तेल बेचने का निर्देश दिया गया है। ताकि सभी लोगों को पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जा सके। गुमला में पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष बिनय लाल ने बताया की फिलहाल गुमला में पेट्रोल डीजल पर्याप्त है लेकिन आने वाले समय में कटौती हो सकती है इसको लेकर पम्प संचालको से बैठक करने का निर्णय लिया जाएगा। धनबाद पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की समस्या जरूर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल आम लोगों को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अशोक सिंह ने कहा कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को संयम बरतना चाहिए और अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ नहीं लगानी चाहिए। चतरा में पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भारी भीड़ चतरा के कई पेट्रोल पंपों पर “नो स्टॉक” के बोर्ड लटक रहे हैं। जिन पंपों पर तेल उपलब्ध है, वहां वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि पंप संचालक अपनी मर्जी से 100 से 400 रुपए तक का ही तेल दे रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि तेल डिपो से टैंकरों की आपूर्ति बाधित हुई है। समय पर टैंकर नहीं पहुंचने के कारण स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है। संचालकों के मुताबिक, वे खुद भारी दबाव में हैं और जितना स्टॉक बचा है उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कम से कम आपातकालीन स्थिति में कुछ मदद की जा सके। इधर, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीति कुमारी ने कहा है कि अब तक उनके संज्ञान में ऐसी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई पंप संचालक जानबूझकर तेल नहीं दे रहा या मनमानी कर रहा है, तो लोग इसकी शिकायत करें। प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। बोतल में तेल की बिक्री बंद हो गई
पलामू के पेट्रोल पंपों में भी आपूर्ति पहले की अपेक्षा कम हुई है। एक पंप संचालक के मुताबिक ग्रामीण इलाके से डिब्बा में तेल लेने वाले लोग आते हैं, उन्हें तेल नहीं दिया जा रहा है। इससे दूर दराज के इलाके में सड़क किनारे बोतल में तेल की बिक्री बंद हो गई है। कोडरमा जिले के भी अलग-अलग पेट्रोल पंप पर बीते कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में कमी देखने को मिल रही है। पेट्रोल पंप संचालक सनी कुमार ने बताया कि खाड़ी देशों में चल रही युद्ध के कारण बीते एक महीने से डिमांड के अनुकूल पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि पहले जहां उन्हें पेट्रोल पंप संचालित करने के लिए 1 लाख लीटर तक डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता हो जाती थी। वहीं अब यह घटकर 70 से 80 हजार लीटर तक पहुंच गया है। कोडरमा पेट्रोल पंप संघ के अध्यक्ष मुरारी सोमानी ने कहा कि पेट्रोल डीजल की आपूर्ति में पहले के मुकाबले हाल के दिनों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि जिले में 70 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इसमें 30-40 पेट्रोल पंप पर बाधित आपूर्ति के कारण आए दिन पेट्रोल पंप बंद रहते हैं या कम देर तक संचालित होते हैं। ऐसे पेट्रोल पंप पर जब उपभोक्ता पेट्रोल या डीजल लेने जाते हैं तो पेट्रोल की कमी के डर से लोग जरूरत से दोगुना पेट्रोल या डीजल लेने लग जाते हैं। इस कारण से भी पेट्रोल या डीजल की कमी हो जा रही है। डिपो से पेट्रोल जल्दी नहीं मिल पा रहा
बोकारो के जय जवान पेट्रोल पंप, सेक्टर 4 के मैनेजर जयप्रकाश प्रमाणिक ने बताया कि डिपो से पहले हम लोग को पेट्रोल मंगाने के लिए प्रेशर दिया जाता था, लेकिन वर्तमान समय पैसा देने के बाद भी पेट्रोल जल्दी नहीं मिल पा रहा है। अब हम लोग गैलन में पेट्रोल नहीं दे रहे हैं। गाड़ी में दे रहे हैं पर टंकी फुल नहीं कर रहे हैं। गिरिडीह में 50% पेट्रोल पंप पर ही तेल
गिरिडीह पेट्रोल पंप संघ के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि जिलेभर में 102 पेट्रोलपंप है, लगभग 50 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर ही फिलहाल तेल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति सामान्य नहीं होने के कारण पंप संचालकों को सीमित मात्रा में ही ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल देना पड़ रहा है। तेल की कमी का असर आम लोगों के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। कई वाहन चालक सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लाइन में लग रहे हैं, लेकिन पर्याप्त तेल नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बाइक और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं गिरिडीह के पेट्रोल पंप संचालक अशोक मिश्रा ने बताया कि उनके पेट्रोल पंप पर फिलहाल पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-दो दिनों के भीतर नई खेप आने की संभावना है, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकती है।



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