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3 महीने में ₹200000 मुनाफा! मदर डेयरी ने बदल दी रांची के...


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Ranchi Success Story: रांची में नगरी गांव के किसान कैलाश को मदर डेयरी प्लांट से स्वीट कॉर्न की कॉन्टैक्ट फार्मिंग से बंपर कमाई हो रही है. वह 3 महीने में करीब 2 लाख का मुनाफा कमा लेते हैं. इस कमाई से आज उनके पास खुद का घर, ट्रैक्टर, कार तक है.

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नगरी गांव में मदर डेयरी का प्लांट लगा हुआ है. यहां के किसान कैलाश बताते हैं कि हम लोग स्वीट कॉर्न की खेती करते हैं और इसकी सबसे खास बात यह है कि मदर डेयरी कंपनी के लोग खुद आकर ट्रैक्टर से स्वीट कॉर्न लेकर जाते हैं और इसकी मिठास और वजन चेक करके हमें पैसे देते हैं. 3 महीने में आराम से कंपनी हमें ₹2 लाख दे देती है. ऐसे में अब बिल्कुल भी लॉस नहीं होता है. बाजार में नहीं भी बिका तो हमें इतना रेट मिल जाता है. आइये जानते हैं इस खेती के बारे में.

मदर डेयरी प्लांट से बदली जिंदगी

कैलाश बताते हैं कि मदर डेयरी प्लांट से उनकी जिंदगी बदल गई है. अब हमें कुछ करने की जरूरत नहीं होती है. बस 3 महीने मन लगाकर खेती कर लीजिए. इतना फिक्स पैसा हमारे लिए रखा हुआ होता है. कई बार और अधिक होता है तो बाजार में बेच भी देते हैं. वह डेढ़ एकड़ में खेती करते हैं. जहां आराम से 150 क्विंटल से अधिक स्वीटकॉर्न निकल जाती है.

किसान ने बताया कि आज से 3 साल पहले आलम यह था कि हमेशा सारा स्वीट कार्न बाजार में ही बेचना होता था. कई बार बाजार में उचित दाम नहीं मिलता तो कई बार मौसम का मार भी होता था, लेकिन यहां पर ऐसा है कि हमें बस खेती पर ध्यान देना है, कंपनी खेत से ही आकर ले जाती है. कॉन्टैक्ट फार्मिंग हमारे लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है.

अब बदल गई है जिंदगी

कैलाश बताते हैं कि अब उनकी जिंदगी बदल गई है. अब अपना घर है अपना ट्रैक्टर भी है. इतना ही नहीं, खेत में इस्तेमाल करने के लिए सारी आधुनिक उपकरण से लेकर अपना कार भी है. ऐसे में पहले खेती से केवल दो वक्त का खाना होता था, लेकिन अब जरूरत और अपने शौक भी पूरे हो रहे हैं, लेकिन हां 3 महीने में आपको अपना जी जान लगा देना होता था. वह हर दिन खेत में 12 घंटे काम किया करते हैं.

इसलिए क्योंकि कंपनी वाले खराब माल नहीं लेते थे. उन्हें बड़े साइज और एकदम मीठा दाना चाहिए होता है. आपकी फसल अच्छी होनी चाहिए. यह एक चुनौती जरूर है. ऐसे में गोबर और केंचुआ खाद का हर 15 दिन में इस्तेमाल करते व खरपतवार को हर दिन देखकर हटाया जाता है. नीम का पानी हफ्ते में एक बार जड़ों में देते हैं. इस तरीके से एकदम बच्चों की तरह देखभाल वह खेती का करते हैं.  तब जाकर इतना बढ़िया फसल तैयार होती है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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