भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

पश्चिम एशिया की आग अब BRICS तक पहुंची, भिड़ गए ईरान और...


होमताजा खबरदेश

पश्चिम एशिया की आग BRICS तक पहुंची, भिड़ गए ईरान और UAE, खूब हुई तू-तू मैं-मैं

Last Updated:

ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. काज़ेम ग़रीबाबादी ने UAE पर अमेरिका और इज़राइल के साथ मिलकर ईरान विरोधी कार्रवाई में शामिल होने का आरोप लगाया. ईरान ने कहा कि UAE में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना ‘आत्मरक्षा’ के अधिकार के तहत उठाया गया कदम था.

ख़बरें फटाफट

पश्चिम एशिया की आग BRICS तक पहुंची, भिड़ गए ईरान और UAE, खूब हुई तू-तू मैं-मैंZoom

ब्रिक्स समिट में पश्चिम एशिया तनाव को लेकर ईरान और यूएई में बहस हो गई.

नई दिल्ली. नई दिल्ली में चल रही BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक गुरुवार को उस वक्त अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रतिनिधियों के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई. पश्चिम एशिया में पहले से सुलग रहे संकट की आग अब BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचती दिखी, जहां दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए.

बैठक के दौरान UAE ने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने, आक्रामक सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने और पड़ोसी देशों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया. UAE के प्रतिनिधियों ने कहा कि ईरान की कार्रवाई पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध की तरफ धकेल रही है और इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो रहा है.

इसके जवाब में ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. काज़ेम ग़रीबाबादी ने बेहद कड़ा पलटवार किया. उन्होंने UAE पर अमेरिका और इज़राइल के साथ मिलकर ‘ईरान विरोधी साजिश’ में शामिल होने का आरोप लगाया. ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि UAE की जमीन पर मौजूद अमेरिकी ठिकाने ईरान की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बन चुके हैं और उन पर कार्रवाई ‘आत्मरक्षा’ के अधिकार के तहत की गई.

ईरान ने साफ संकेत दिए कि यदि उसके खिलाफ क्षेत्रीय मोर्चाबंदी जारी रही, तो जवाब और भी आक्रामक हो सकता है. इस बयान के बाद बैठक में मौजूद कई देशों के प्रतिनिधियों के बीच हलचल बढ़ गई. माना जा रहा है कि BRICS मंच पर इस तरह की खुली टकराहट ने यह साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया का संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का मुद्दा बन चुका है.

विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS जैसे मंच पर ईरान और UAE के बीच खुला आरोप-प्रत्यारोप इस बात का संकेत है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है. ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर इसका असर आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top