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Plants Heatwave Tips: गर्मियों में बढ़ता तापमान और तेज लू सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि पौधों को भी प्रभावित करती है. अत्यधिक गर्मी के कारण पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, मिट्टी जल्दी सूख जाती है और पौधों की वृद्धि रुक सकती है. ऐसे में कुछ आसान और देसी उपाय अपनाकर पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार सुबह जल्दी या शाम के समय पौधों में पानी देना सबसे बेहतर माना जाता है, ताकि पानी जल्दी न सूखे. मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए सूखी पत्तियां, भूसा या नारियल की भूसी का इस्तेमाल किया जा सकता है. तेज धूप के समय पौधों को हल्की छांव देना भी फायदेमंद रहता है.
भीलवाड़ा: राजस्थान सहित भीलवाड़ा में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और भीलवाड़ा के तापमान की बात की जाए तो भीलवाड़ा में भी तापमान अब 40 से 45 डिग्री के बीच पहुंच गया है. गर्मी में हम सबसे पहले यही सोचते हैं कि अपने आप को और अपने पशुओं को लू लगने से कैसे बचा सकते हैं और इसके लिए कई तरह के जतन भी करते हैं लेकिन क्या आप यह बात जानते हैं कि अपने किचन गार्डन में पौधों को भी लू लग सकती है. भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर अब केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पौधों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. तेज धूप और लू के कारण पौधों में “हीट स्ट्रेस” की स्थिति बन जाती है, जिससे उनकी ग्रोथ पर बुरा असर पड़ता है.
तेज गर्मी के कारण पौधों की पत्तियां मुरझाने लगती हैं और कई बार उनके किनारे जलने जैसे नजर आते हैं. पानी की कमी के चलते पौधे सूखने लगते हैं और फूल-फल भी झड़ सकते हैं. खासकर गमलों में लगे पौधे ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि उनमें मिट्टी जल्दी सूख जाती है. पौधों को लू से बचाने के लिए सुबह या शाम के समय ही पानी देना चाहिए और उन्हें सीधी धूप से बचाना जरूरी है. इसके अलावा मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग करना भी फायदेमंद होता है. थोड़ी सी सावधानी से पौधों को गर्मी से सुरक्षित रखा जा सकता है.
पौधों में लगे फूल और छोटे-छोटे फल झड़ने लगते
रूपेंद्र सिंह ने बताया कि जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और मिट्टी में नमी की कमी हो जाती है, तब पौधों में हीट स्ट्रेस की स्थिति बनती है. इस दौरान पौधों की पत्तियां मुरझाने लगती हैं और कई बार उनके किनारे जले हुए जैसे दिखते हैं. यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए तो पौधे सूख भी सकते हैं. इसका असर सबसे ज्यादा गमलों में लगे पौधों पर होता है, क्योंकि उनमें मिट्टी जल्दी सूख जाती है और जड़ों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती.
भीषण गर्मी का असर पौधों के फूल और फलों पर भी पड़ता है. तापमान ज्यादा होने पर पौधों में लगे फूल और छोटे-छोटे फल झड़ने लगते हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में किचन गार्डन संभालने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिर जाए और पौधे स्वस्थ बने रहें.
इंसानों के साथ-साथ पौधों का ख्याल रखना भी जरूरी
पौधों को लू से बचाने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं. सबसे पहले पौधों को सुबह जल्दी या शाम के समय ही पानी देना चाहिए, ताकि पानी जल्दी सूखे नहीं और जड़ों तक सही तरीके से पहुंच सके. इसके अलावा पौधों को सीधी तेज धूप से बचाने के लिए शेड या जाल का उपयोग करना फायदेमंद रहता है. मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग करना भी एक कारगर तरीका है, जिससे पौधों को लंबे समय तक नमी मिलती रहती है. थोड़ी सी सावधानी और सही देखभाल से पौधों को भीषण गर्मी और लू से बचाया जा सकता है. यदि समय-समय पर पानी, छाया और पोषण का ध्यान रखा जाए तो किचन गार्डन के पौधे न केवल सुरक्षित रहेंगे, बल्कि अच्छी ग्रोथ भी करेंगे. ऐसे में गर्मी के इस दौर में इंसानों के साथ-साथ पौधों का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी हो गया है.
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Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें