भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

24 जिलों में नहीं हैं लोकपाल मनरेगा का निगरानी तंत्र ठप



पॉल टिकल रिपोर्टर | रांची महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा ग्रामीण गरीबों को रोजगार देने की देश की सबसे बड़ी योजना है। इस योजना में पारदर्शिता और शिकायत निवारण के लिए लोकपाल की व्यवस्था की गई थी। लोकपाल का काम मजदूरों की शिकायत सुनना, भ्रष्टाचार की जांच करना और दोषियों पर कार्रवाई की अनुशंसा करना होता है। लेकिन झारखंड में पिछले तीन माह से मनरेगा में लोकपाल नहीं हैं। इससे यहां का निगरानी तंत्र लगभग निष्क्रिय हो गया है। इसका सीधा असर मजदूरों, पंचायत व्यवस्था और योजना की पारदर्शिता पर पड़ रहा है। राज्य के किसी भी जिले में लोकपाल नहीं है। वर्ष 2022 में दो चरणों में चार साल के लिए राज्य के सभी जिलों में लोकपाल की नियुक्ति की गई थी। चार साल पूरा होने के बाद सभी लोकपाल को पदमुक्त कर दिया गया। इसके बाद से ही लोकपाल का पद खाली है। स्थिति यह है कि झारखंड में मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार काम पर निर्भर हैं। बावजूद उनकी शिकायतों पर सुनवाई के लिए लोकपाल नहीं हैं। लोकपाल का पद खाली रहने या निष्क्रिय व्यवस्था के कारण शिकायतें लंबित हैं।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top